Bengali Summer Recipes : उत्तर भारत की चिलचिलाती धूप तपती दोपहर ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. ऐसे में जब पारा 45 डिग्री के पार जाने लगे, तो सिर्फ पानी या कोल्ड ड्रिंक से काम नहीं चलता. हमारे शरीर को ऐसे भोजन की जरूरत होती है जो न केवल पेट भरे, बल्कि अंदरूनी तापमान को भी नियंत्रित रखे. बंगाल की पारंपरिक रसोई में गर्मी से लड़ने के लिए सदियों पुराने राज छिपे हैं. यहाँ कई घरेलू रेसिपी ऐसे हैं जो शरीर को ठंडा करने, पाचन को सुचारू रखने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने का माध्‍यम हैं. तो अगर आप भी समर में कुछ देसी, ट्रेडिशनल और नए स्‍वाद वाली रेसिपी ट्राई करना चाहते हैं तो बंगाल के घरों की ये 5 मशहूर रेसिपीज को ट्राई करें.

1. पान्ता भात: प्रोबायोटिक्स का पावरहाउस

यह बंगाल का प्राचीन ‘सुपरफूड’ है. रात के बचे हुए चावल को पानी में भिगोकर रात भर छोड़ दिया जाता है. फर्मेंटेशन की वजह से इसमें विटामिन B12 और आयरन की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है.

फायदा: यह शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाता है और पाचन तंत्र के लिए ‘अमृत’ समान है. इसे कच्ची प्याज, हरी मिर्च और थोड़े से सरसों तेल के साथ परोसा जाता है, जो इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखता है.

2. आमेर झोल: लू की सबसे बड़ी काट

गर्मियों के दोपहर के भोजन का समापन अक्सर ‘आमेर झोल’ से होता है. यह कच्चे आम का एक बहुत ही पतला और खट्टा-मीठा शोरबा होता है.

फायदा: कच्चे आम में मौजूद ‘पेक्टिन’ शरीर को लू की चपेट में आने से बचाता है. विटामिन-C से भरपूर यह डिश इम्युनिटी को भी बूस्ट करती है और गर्मी के कारण होने वाली थकान को दूर करती है.

3. लाउ-बोरिर झोल: सिंपल लेकिन सेहत के लिए जरदस्‍त
लौकी (Bottle Gourd) में 90% से अधिक पानी होता है. बंगाली घरों में इसे मूंग या उड़द दाल की ‘बड़ी’ के साथ बहुत कम मसालों में पकाया जाता है.

विशेषता: चूंकि आप खुद अर्बन गार्डनिंग करती हैं, तो अपनी बालकनी से तोड़ी गई ताजी लौकी का इस्तेमाल इस डिश के पोषण को दोगुना कर देगा. यह पेट के लिए बहुत हल्का होता है और एसिडिटी की समस्या को जड़ से खत्म करता है.

4. दोई माछ: प्रोटीन के साथ नेचुरल कूलिंग

अक्सर माना जाता है कि मछली गर्म होती है, लेकिन ‘दोई माछ’ (दही वाली मछली) इस धारणा को बदल देती है. इसमें मछली को फेंटे हुए दही और हल्के मसालों के साथ पकाया जाता है.

फायदा: दही एक प्रोबायोटिक है जो पेट को ठंडा रखता है, जबकि मछली हल्का प्रोटीन प्रदान करती है. यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो गर्मियों में भी अपनी डाइट में नॉन-वेज शामिल करना चाहते हैं.

5. शुक्तो: लीवर के लिए डिटॉक्स ड्रिंक जैसी डिश

भोजन की शुरुआत में खाया जाने वाला ‘शुक्तो’ कई सब्जियों (करेला, सहजन, बैंगन) का मिश्रण है.

फायदा: इसका कड़वा स्वाद लीवर को सक्रिय करता है और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालता है. यह ब्लड प्यूरीफायर का भी काम करता है, जिससे गर्मियों में होने वाली स्किन प्रॉब्लम्स और घमौरियों से राहत मिलती है.

बंगाल की ये रेसिपीज इस बात का प्रतीक हैं कि ‘मिनिमलिज्म’ यानी कम मसालों, ताजी स्थानीय सामग्रियों के साथ कम समय में बेहतरीन स्वाद और सेहत किस तरह हासिल की जा जा सकती है. तो इस गर्मी में अपनी डाइट को थोड़ा ‘बंगाली ट्विस्ट’ दें और फर्क खुद महसूस करें.



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