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सावन में बिना प्याज-लहसुन का खाना ढूंढ रहे हैं तो आइए रांची की इन जगहों पर

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Ranchi Sawan Satvik Thali Restaurants: बाहर खाने का मन है लेकिन सावन में प्याज-लहसुन नहीं खाते तो आप रांची के इन रेस्टोरेंट्स का रुख कर सकते हैं. यहां खासतौर पर सात्विक थाली मिलती है जिसमें इन दोनों का इस्तेमाल नहीं होता. हर रेस्टोरेंट की अलग वैरायटी है और एक जगह तो केवल 155 रुपये में घर जैसे खाने का मजा लिया जा सकता है.

सावन में अगर आप प्याज-लहसुन नहीं खाते पर रेस्टोरेंट में आपको लजीज खाने का मन है, तो फिर ऐसे में बिना प्याज लहसुन वाली सात्विक थली ट्राई कर सकते हैं. इसमें सबसे पहले नाम रांची के कावेरी रेस्टोरेंट का आता है. जहां पर मात्र ₹300 में थाली परोसी जाती है.

इसके अलावा आप जोहार झारखंड रेस्टोरेंट भी आ सकते हैं. जहां पर 30 आइटम परोसे जाते हैं. व्रीही रेस्टोरेंट में भी ₹155 में थाली परोसी जाती है. ऐसे में अगर आप सस्ते में जबरदस्त थाली खाना चाहते हैं तो फिर इन तीन रेस्टोरेंट का रुख आपको जरूर करना चाहिए. सबसे पहले बात करें कावेरी की तो यहां के खाने को लोग बहुत पसंद करते हैं.

यहां के मैनेजर सतविंदर बताते हैं, यहां खासतौर पर आपको दो दही वड़े मिलेंगे. ऐसा स्वाद आपने शायद ही पहले टेस्ट किया होगा. पलाऊ से लेकर मिस्सी रोटी, बटर नान, तवा रोटी, गुलाब जामुन, बटर मखनी, पनीर की सब्जी, पापड़, सलाद व हर वो एक आइटम होगा जो आप थाली में सोच सकते हैं. खाने का स्वाद ऐसा की एक बार खाएंगे तो दोबारा ऑर्डर करेंगे.

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इसके अलावा आप आ सकते हैं जोहार झारखंड में. यहां के मैनेजर सुरेश बताते हैं, यहां पर ₹1000 में 35 आइटम मिलते हैं और इसमें कम से कम 4 से 5 लोग एक साथ बैठकर खा सकते हैं. ऐसे में अगर पूरा परिवार एक साथ बैठकर खाने का आनंद लेना चाहता है तो यह महाराजा थाली ऑर्डर कर सकते हैं. इसमें मखनी से लेकर दो तरह की चटनी, सलाद, 10 तरह की सब्जी, तीन वैरायटी चावल जिसमें बिरयानी, पुलाव सब शामिल होता है.

ऐसे में थाली खाने के शौकीन हैं तो एक बार महाराजा खाली को आपको जरूर ट्राई करना चाहिए. खास बात है कि 1000 रुपए में पूरा का पूरा परिवार पेट भर कर खा लेगा. इसके बाद रांची के लालपुर स्थित व्रीही रेस्टोरेंट आ सकते हैं. यहां के संचालक संदीप बताते हैं, यहां पर एकदम ठेठ बिहारी देहाती वाली मिलती है जो आपको रांची में कहीं नहीं मिलेगी. अगर आपको गांव-घर की याद आ रही है तो फिर आप यहां आइए.

यहां पर मटके में या मिट्टी की हांडी में चावल पानी दही और उसमें छौंक लगाकर देसी चावल परोसा जाता है. इसके साथ आलू चोखा, भिंडी की भुजिया, करेला की भुजिया, सब्जी, सलाद, मिर्च का अचार, पापड़, आलू की भुजिया भी दी जाती है. एकदम ऑथेंटिक स्टाइल में खाना परोसा जाता है. यह खाना देखकर घर से दूर रहने वालों को निश्चित तौर पर अपनी मां के हाथ के खाने की याद आ जाएगी और कीमत मात्र 155 रुपए है.

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