Last Updated:
सागर की छोटी-छोटी गलियों से महकने वाली यह खुशबू सावन के महीने में देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच कर रिश्तो की मिठास बढ़ाती हैं. सावन में इस मिठाई की बहुत डिमांड है. सागर के कटरा बाजार में इस समय फैनी की दुकानें सज चुकी है और जो इसके दीवाने हैं उनकी भीड़ भी यहां पर देखी जाने लगी है. दुकानदारों के अनुसार रोजाना लगभग एक क्विंटल से अधिक फैनी लोकल में बिक जाती है. एक दुकानदार कम से कम 25 किलो मिठाई बेच लेता है.
सागर. बुंदेलखंड का सागर अपने इतिहास संस्कृति और खानपान को लेकर देश दुनिया में मशहूर है. सागर में केवल चिरौंजी की बर्फी, गुजराती नमकीन, बनारसी पान, लंगड़ा महाराज के समोसे या बिहारी जी के पेड़ा ही नहीं यहां की सावन स्पेशल मिठाई फैनी देश भर में पसंद की जाती है. सागर की छोटी-छोटी गलियों से महकने वाली यह खुशबू सावन के महीने में देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच कर रिश्तो की मिठास बढ़ाती है. सागर में मुख्य रूप से तैयार होने वाली यह मिठाई कितनी पुरानी है इसको लेकर कोई ठीक-ठीक तो नहीं बात पता लेकिन जिन परिवारों में यह तैयार होती है उनमें कहीं तीन पीढ़ी से तो कहीं चार पीढ़ी से तो कहीं पांच पीढ़ी से इसके बनाने का काम निरंतर चल आ रहा है और उनका मुख्य व्यवसाय भी है.
यह मिठाई वैसे तो केवल मैदा, शुद्ध घी और शक्कर से मिलकर बनती है लेकिन इसको बनाने की जो प्रक्रिया है उसमें मेहनत के साथ-साथ समय भी भरपूर लगता है, क्योंकि यह जो मिठाई है मुख्य रूप से अपने बारीक धागों के रूप में होती है और जैसे ही इसको मुंह में रखते हैं तो यह घुल जाती है, मिठाई को ऐसा बनाने के लिए ही काफी समय दिया जाता है.
बनाने में लगते हैं 5 घंटे
चंद्रेश गुप्ता बताते हैं कि उनके परिवार में चार पीढ़ियों से यह काम होता चला रहा है. सागर में अब गिने-चुने परिवार ही रह गए हैं जो यह फैनी बनाने का काम कर रहे हैं. लेकिन आज भी उसकी उतनी ही डिमांड है जितनी पहले हुआ करती थी. सागर में बनने वाली यह मिठाई देश भर में सप्लाई की जाती है. हमारे ही घर में 8-10 लोग हैं और मानसून शुरू होते ही सावन की तैयारी में जुट जाते हैं और रोजाना यही मिठाई बनाने का काम चलता रहता है. सुबह 4:00 से काम शुरू होता है और रात 8:00 बजे तक चलता है चार लोग 5 घंटे में 20 किलो फैनी तैयार कर पाते हैं.
280 से 700 रुपए किलो तक कीमत
56 साल के रमेश गुप्ता बताते हैं कि फैनी दो प्रकार की बनती है, एक फैनी मीठी होती है, जिसको खरीद कर सीधा खाया जा सकता है और एक फीकी फैनी होती है जिसको लेने के बाद दूध में डालकर खीर की तरह खाया जाता है दोनों ही तरह की फैनी इस साल 280 रुपये किलो चल रही है. इसके अलावा शुद्ध घी की फैनी भी बनाई जाती है इसकी डिमांड थोड़ी कम रहती है क्योंकि यह महंगी होती है इस साल शुद्ध घी से बनने वाली फैनी 700 रुपये किलो चल रही है यह स्वाद में ज्यादा टेस्टी होती है और लंबे समय तक इसको रख सकते हैं.
About the Author
with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…
और पढ़ें