स्वाद और सुगंध के मामले में हींग की कचौड़ी का कोई मुकाबला नहीं है। सुबह के नाश्ते से लेकर शाम की चाय तक, यह हर मौके के लिए एक परफेक्ट और सदाबहार डिश है। हींग न सिर्फ कचौड़ी का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि यह सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद होती है। हींग का सेवन करने से पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं भी दूर होती है। इसलिए भी इसे ‘गुणों की खान’ कहा गया है। बाजार वाली हींग कचौड़ी का स्वाद तो हर किसी को पसंद आता है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि इसे आप घर पर भी आसानी से बना सकते हैं। यहां हम हींग कचौड़ी की सिंपल रेसिपी लेकर आए हैं। फटाफट नोट करें रेसिपी।
सामग्री
कचौड़ी के आटे के लिए
- मैदा या गेहूं का आटा: 2 कप
- मोयन के लिए तेल या घी: 3-4 बड़े चम्मच
- नमक: स्वादानुसार
- गुनगुना पानी: आटा गूंधने के लिए
भरावन के लिए
- धुली उड़द दाल: ½ कप (2 घंटे भीगी हुई)
- हींग: ½ छोटा चम्मच
- सौंफ पाउडर: 1 छोटा चम्मच
- धनिया पाउडर: 1 छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर: ½ छोटा चम्मच
- गरम मसाला: ¼ छोटा चम्मच
- अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट: 1 चम्मच
- तेल: तलने के लिए और मसाला भूनने के लिए
बनाने का तरीका
स्टेप 1
सबसे पहले एक परात में मैदा या गेहूं का आटा लें। इसमें नमक और मोयन डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब गुनगुने पानी की मदद से थोड़ा सा नरम आटा गूंध लें। आटे को ढककर 20 मिनट के लिए सेट होने दें।
स्टेप 2
भीगी हुई उड़द दाल को बिना पानी डाले दरदरा पीस लें। अब एक पैन में 2 चम्मच तेल गरम करें। इसमें अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट और हींग डालकर भूनें। इसके बाद पिसी हुई दाल और सारे सूखे मसाले जैसे सौंफ, धनिया, मिर्च, गरम मसाला, नमक डालकर धीमी आंच पर सुनहरा और सूखा होने तक भूनें। मसाला तैयार है, इसे ठंडा होने दें।
स्टेप 3
गूंथे हुए आटे से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें। एक लोई को हल्के हाथों से फैलाएं और बीच में एक छोटा चम्मच दाल का मिश्रण रखें। अब किनारों को समेटते हुए लोई को अच्छी तरह बंद कर दें, ताकि तलते समय यह फटे नहीं। इसे हल्के हाथ से दबाकर थोड़ा चपटा कर लें।
स्टेप 4
कढ़ाई में तेल गरम करें। ध्यान रहे कि तेल मध्यम गरम होना चाहिए। कचौड़ियों को तेल में डालें और धीमी से मध्यम आंच पर अलट-पलट कर सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तलें। तेज आंच पर तलने से कचौड़ियां अंदर से कच्ची रह जाएंगी। फिर इसे निकालें और चटनी के साथ खाएं।