Last Updated:
Wild Vegetable Kakora Benefits: बारिश के मौसम में जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाली ककोड़ा सब्जी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. इसे उगाने के लिए खाद या सिंचाई की जरूरत नहीं होती. पोषक तत्वों से भरपूर यह सब्जी दिखने में छोटे करेले जैसी होती है, लेकिन कड़वी नहीं होती. आयुर्वेद के अनुसार, ककोड़ा में प्रचुर मात्रा में आयरन, प्रोटीन और विटामिन पाए जाते हैं, जो शरीर की कमजोरी दूर करने, पाचन सुधारने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार हैं. सीमित उपलब्धता के कारण बाजार में इसकी कीमत 250 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है.
बारिश का मौसम शुरू होते ही सब्जी मंडियों में एक ऐसी जंगली सब्जी नजर आने लगती है, जिसका लोग पूरे साल बेसब्री से इंतजार करते हैं. यह सब्जी न खेतों में बोई जाती है और न ही इसे उगाने के लिए खाद या सिंचाई की जरूरत पड़ती है. प्रकृति की गोद में घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में अपने आप उगने वाली इस अनोखी सब्जी का नाम ककोड़ा (ककोरा) है. अपने खास स्वाद और सीमित उपलब्धता के कारण यह मानसून की सबसे खास मौसमी सब्जियों में गिनी जाती है.
सीमित समय के लिए उपलब्ध होने और स्वाद के साथ पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण ककोड़ा की बाजार में हमेशा अच्छी मांग रहती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरे साल दिखाई नहीं देता. बारिश शुरू होने के बाद लगभग एक से डेढ़ महीने तक ही यह मंडियों में बिकता है. यही वजह है कि बाजार में आते ही लोग इसे खरीदने के लिए उत्साहित नजर आते हैं और इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है.
देखने में ककोड़ा छोटे करेले जैसा दिखाई देता है. लेकिन इसका स्वाद करेले की तरह कड़वा नहीं होता. यही वजह है कि इसकी सब्जी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आती है. अपने अनोखे स्वाद, मुलायम बनावट और पौष्टिक गुणों के कारण यह मानसून के मौसम की सबसे पसंदीदा मौसमी सब्जियों में शामिल है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
स्थानीय सब्जी व्यापारियों के अनुसार ककोड़ा प्राकृतिक रूप से जंगलों में उगता है. इसकी खेती बहुत कम होती है और बाजार में आने वाली अधिकांश उपज जंगलों से ही एकत्र की जाती है. सीमित उपलब्धता और मौसमी उत्पादन के कारण इसकी कीमत सामान्य सब्जियों की तुलना में अधिक रहती है. इसके बावजूद अपने खास स्वाद और पौष्टिक गुणों के चलते लोग इसे खरीदना पसंद करते हैं.
सीजन की शुरुआत में ककोड़ा की कीमत 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. जबकि सीजन के अंत में भी यह करीब 60 से 80 रुपये प्रति किलो से कम नहीं बिकता. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश भारद्वाज बताते हैं कि ककोड़ा में आयरन, प्रोटीन, फाइबर और कई आवश्यक विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. इसके नियमित सेवन से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और यह मानसून के मौसम में एक पौष्टिक व स्वादिष्ट मौसमी सब्जी के रूप में बेहद लाभकारी मानी जाती है.
नियमित और संतुलित मात्रा में ककोड़ा का सेवन शरीर की कमजोरी दूर करने, पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार इसका सेवन बवासीर, पीलिया, त्वचा संबंधी समस्याओं और रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने में भी लाभकारी माना जाता है. हालांकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या में इसका उपयोग चिकित्सकीय सलाह के साथ ही करना उचित माना जाता है.