अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर हमले की चेतावनी दी, तो वहीं ईरान ने भी कहा कि हम हर भी युद्ध में पीछे हटने वाले नहीं। अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी के बीच एक अच्छी खबर भी सामने आई है। होर्मुज़ (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज़ हो गई हैं। इसे लेकर ईरान का कहना है कि ओमान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा है कि होर्मुज खोलने को लेकर बातचीत हो रही है। लेकिन अमेरिकी ट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का कहना है कि इस बारे में “आज या कल” तक ही कोई समझौता हो सकता है। इसका मतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुल सकता है।
कतर के अमीर शेख ने ट्रंप से की बात
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की है। दोहा का कहना है कि मध्यस्थ युद्ध का कूटनीतिक समाधान निकालने के लिए सभी पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस बीच, अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने “ईरान के खिलाफ नाकेबंदी” के तहत जुलाई के मध्य से अब तक 45 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है।
अमेरिका के पास मिसाइलें खत्म हों गईं हैं?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अपनी लगभग सभी लंबी दूरी की सटीक मिसाइलें इस्तेमाल कर ली हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध के दौरान अपनी लंबी दूरी की सटीक मिसाइलों का लगभग पूरा स्टॉक इस्तेमाल कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने अपने ‘आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम’ (ATACMS) और ‘प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइलों’ का लगभग पूरा स्टॉक इस्तेमाल कर लिया है।
अमेरिका ने खबरों का खंडन किया
CBS न्यूज़ के मुताबिक, अमेरिका ने इन हथियारों का अपना लगभग पूरा स्टॉक इस्तेमाल कर लिया है। हालांकि पेंटागन ने इन दावों का खंडन किया है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पारनेल ने कहा, अमेरिका की सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है और उसके पास राष्ट्रपति की पसंद के समय और जगह पर कार्रवाई करने के लिए ज़रूरी हर चीज़ मौजूद है। वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी पहले हथियारों की कमी को लेकर जताई गई चिंताओं को खारिज किया है।
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