इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026′ के बाद और ग्रेटर सिएटल में रहने वाले भारतीय-अमेरिकी टेक कम्युनिटी की खास विशेषज्ञता से सीखने के उद्देश्य से, भारत के महावाणिज्य दूतावास ने गुरुवार को “Ideas4India: इंडियन अमेरिकन टेक CEOs फोरम | अनलॉकिंग द टेक डिविडेंड” का आयोजन किया। इस फोरम में भारतीय मूल के प्रमुख टेक CEO शामिल हुए, जिनमें से कई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरोस्पेस और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में तीन दशकों से ज्यादा समय बिताया है।

सत्य नडेला ने AI को बताया जनरल-परपज टेक्नोलॉजी

माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और CEO, सत्य नडेला इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने भारतीय अमेरिकी टेक सीईओ फोरम “IDEAS4INDIA” को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें सिएटल की टेक्नोलॉजी कम्युनिटी को लगभग 35 सालों तक बढ़ते हुए देखने पर गर्व है और वे भारत के साथ इसके बनते और मजबूत होते रिश्तों को देखकर खुश हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एक ‘जनरल-परपज टेक्नोलॉजी’ (सभी क्षेत्रों में काम आने वाली तकनीक) बताया, जिसके फायदे देशों, समुदायों और क्षेत्रों में इसके व्यापक प्रसार पर निर्भर करेंगे।

भारतीय मूल के 40 से ज्यादा CEO और CTO कार्यक्रम में हुए शामिल

इस कार्यक्रम में भारतीय मूल के 40 से ज्यादा CEO और CTO शामिल हुए, जिनमें माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, बोइंग, ओपनएआई, एंथ्रोपिक, इंटेल, वीम सॉफ्टवेयर, हेलियन, रिदम्स एआई, जेनोटी, अनिका डेटा, सीकआउट, स्टेनली, वियोम लाइफ साइंसेज, एडिफेक्स, गेट्स फाउंडेशन, ऑरेंज थ्योरी, स्टेनली 1913, ब्लिंक हेल्थ, कोरलब्रिक्स एआई, Qubra.ai, कैंटिना लैब्स, वेमेकर्स और पैसिफिक नॉर्थवेस्ट की अन्य प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे।

CEOs ने साझा किए भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी साझेदारी को मजबूत करने के उपाय

फोरम में एक इंटरैक्टिव सेशन भी हुआ, जिसमें भाग लेने वाले CEOs ने भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी साझेदारी को मजबूत करने के लिए अपने विचार और सुझाव साझा किए। इनमें AI इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग, क्वांटम रिसर्च में सहयोग, टैलेंट और स्किलिंग, एयरोस्पेस और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे विषय शामिल थे।

भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने भी कार्यक्रम को किया संबोधित

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी साझेदारी को और गहरा करने की उनकी प्रबल इच्छा का स्वागत किया। इसके साथ ही, उन्होंने सभी संबंधित हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के भारत सरकार के संकल्प को दोहराया ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि भारत का AI मिशन समावेशिता, खुलेपन, संप्रभुता, लोकतांत्रिक पहुंच, सुरक्षा और विश्वास के सिद्धांतों पर मजबूती से टिका रहे। 

भारतीय मूल के दो मशहूर टेक्नोलॉजी दिग्गजों को दी गई श्रद्धांजलि

इंडियन अमेरिकन टेक CEO फोरम की शुरुआत सिएटल के भारतीय मूल के दो मशहूर टेक्नोलॉजी दिग्गजों- समीर बोडास (Icertis के को-फाउंडर और CEO) और एस. सोमसेगर (Madrona Venture Group के मैनेजिंग डायरेक्टर और पहले Microsoft में कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट) की याद में एक मिनट का मौन रखकर की गई, जिनका हाल ही में निधन हो गया था। सिएटल के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को बढ़ाने और भारतीय मूल के स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने में उनके योगदान को सभी ने याद किया और सराहा। USB C ड्राइव के आविष्कारक (पहले Intel के साथ काम करने वाले) पद्म अजय भट्ट भी इस चर्चा में शामिल हुए।

भारत में एशिया का सबसे बड़ा निवेश करेगी अमेरिकी कंपनी

कार्यक्रम में भारत-अमेरिका टेक पार्टनरशिप के दोनों तरफ के सहयोग की झलक दिखी। फोरम में शामिल कई कंपनियों के भारत में बड़े पैमाने पर इंजीनियरिंग, रिसर्च और बिजनेस ऑपरेशन हैं। बताते चलें कि Microsoft ने 2026 से 2029 के बीच 4 सालों में भारत में 17.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की है- जो एशिया में उसका अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, ताकि क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग और ऑपरेशन को आगे बढ़ाया जा सके। 

Amazon ने 2026 और 2030 के बीच कुल 48 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की है, जिसमें मुंबई और हैदराबाद में AWS डेटा सेंटर की क्षमता का विस्तार भी शामिल है। Costco भी हैदराबाद में अपना पहला ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित कर रहा है।

सिएटल में पहली बार इकट्ठा हुए भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी लीडर्स

ये पहली बार था जब सिएटल में भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी लीडर्स इस तरह से इकट्ठे हुए और उम्मीद है कि “Ideas4India” फोरम भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को मजबूत करने के लिए एक अहम प्लेटफॉर्म बना रहेगा। इसमें भारत-अमेरिका TRUST पहल (Transforming the Relationship Utilizing Strategic Technology) भी शामिल है, जिसके तहत दोनों देश अपने-अपने इनोवेशन इकोसिस्टम को जोड़ने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम, सेमीकंडक्टर, स्पेस, टेलीकॉम और बायोटेक्नोलॉजी में सहयोग (जैसे को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन) को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।





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