श्रीनगर: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने आज जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आतंकी साजिश के मामले में 10 जगहों पर छापेमारी की। ये छापेमारी श्रीनगर, कुपवाड़ा, अनंतनाग, पुलवामा और बडगाम जिलों में हुई। इस तलाशी का मकसद साजिश से जुड़े और दस्तावेजी, डिजिटल और भौतिक सबूत जुटाना और स्थानीय सपोर्ट नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाना था।
क्या है पूरा मामला?
सीमा पार से आतंकी साजिश की कोशिशें लगातार होती रहती हैं। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर और स्थानीय ‘ओवर ग्राउंड वर्कर्स’ (OGWs) का नेटवर्क इन साजिशों को अंजाम देता है। इसीलिए श्रीनगर के ज़कूरा पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 0024/2026 से जुड़े एक मामले में NIA ने UA(P) एक्ट की धारा 23, आर्म्स एक्ट की धारा 7 और 25, तथा एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की धारा 4 के तहत RC-02/2026/NIA/JMU के तौर पर फिर से दर्ज किया।
ये मामला 31 मार्च, 2026 की देर रात एक नाका पॉइंट पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े एक OGW की गिरफ्तारी के बाद शुरू किया गया था; उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और ज़िंदा कारतूस बरामद हुए थे। जांच के दौरान इस साज़िश से जुड़े पाकिस्तानी आतंकवादियों को गिरफ़्तार किया गया और स्थानीय सपोर्ट नेटवर्क के सदस्यों की पहचान और उनकी कथित भूमिकाओं का भी पता लगाया गया।
एजेंसी का कहना है कि अब तक की जांच में ये बात सामने आई है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और स्थानीय साथियों के बीच कथित संबंध थे। इन स्थानीय साथियों का इस्तेमाल बातचीत, लॉजिस्टिक्स, आतंकवादियों की आवाजाही और उन्हें छिपाने, पनाह देने, रेकी करने और दूसरी मदद के लिए किया जा रहा था। जांच में पूरे नेटवर्क और उसकी गतिविधियों के दायरे का पता लगाने के लिए पैसों के लेन-देन, बातचीत के तरीकों, आरोपियों की आवाजाही और हथियारों व विस्फोटकों के स्रोत की भी जांच की जा रही है।
NIA का कहना है कि जांच से जुड़े और सबूत जुटाए गए हैं और उनकी जांच की जा रही है। इस मामले में इकट्ठा की गई दूसरी चीज़ों से उनका मिलान किया जा रहा है। बयान में यह भी कहा गया है कि आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें गिरफ़्तारियां या बरामदगी शामिल हो सकती हैं।
हाल ही में ये जानकारी सामने आई थी जम्मू-कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की गई है और इसीलिए NIA ने की कई जगहों पर रेड की थी।
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