आम का अचार भारतीय रसोई की सबसे खास रेसिपी में से एक है, जिसे हर घर में दादी-नानी अपने अलग अंदाज में बनाती थीं. इस पारंपरिक तरीके में न केवल स्वाद बल्कि लंबे समय तक अचार को सुरक्षित रखने की भी खास विधि होती है. अगर आप भी वही पुराना, खट्टा-तीखा और खुशबूदार आम का अचार बनाना चाहते हैं, तो यह दादी-नानी वाला नुस्खा आपके बहुत काम आ सकता है, तो चलिये जानते हैं इसका तरीका.
आवश्यक सामग्री
कच्चे आम – 1 किलो (कठोर और खट्टे)
सरसों का तेल – 250–300 ml
नमक – 100 ग्राम (स्वादानुसार)
हल्दी पाउडर – 2 बड़े चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 2–3 बड़े चम्मच
सौंफ (दरदरी) – 3 बड़े चम्मच
मेथी दाना – 2 बड़े चम्मच
राई (सरसों) – 3 बड़े चम्मच
कलौंजी – 1 छोटा चम्मच
हींग – 1/2 छोटा चम्मच
बनाने की पारंपरिक विधि
1. आम की तैयारी
सबसे पहले कच्चे आम को अच्छी तरह धो लें और कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखा लें. अब इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. ध्यान रखें कि आम में पानी बिल्कुल नहीं होना चाहिए, वरना अचार खराब हो सकता है.
2. मसाला तैयार करें
मेथी दाना और सौंफ को हल्का सा भून लें और दरदरा पीस लें. इसके बाद इसमें राई, हल्दी, लाल मिर्च, नमक, कलौंजी और हींग मिलाकर मसाला तैयार कर लें.
3. आम और मसाले का मिश्रण
कटे हुए आम के टुकड़ों में तैयार मसाला अच्छी तरह मिलाएं. ध्यान रखें कि हर टुकड़े पर मसाला अच्छी तरह लग जाए.
4. तेल का इस्तेमाल
सरसों के तेल को कढ़ाही में गर्म करें जब तक कि उसमें से हल्का धुआं निकलने लगे. इससे तेल की कच्ची गंध खत्म हो जाती है. तेल को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर इसे आम के मिश्रण में डालें. तेल इतना होना चाहिए कि अचार पूरी तरह उसमें डूब जाए.
5. धूप में पकाना
अब इस अचार को साफ और सूखे कांच के जार में भर लें. जार को 5–7 दिनों तक रोजाना धूप में रखें. हर दिन एक बार सूखे चम्मच से अचार को हिलाएं ताकि मसाले अच्छी तरह मिलते रहें और अचार जल्दी पक जाए.
दादी-नानी के खास टिप्स
अचार बनाते समय हाथ और बर्तन बिल्कुल सूखे होने चाहिए.
नमक अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद करता है, इसलिए इसे कम न करें.
धूप अचार को प्राकृतिक तरीके से पकाती है और उसका स्वाद बढ़ाती है.
अगर अचार में तेल ऊपर तक नहीं दिख रहा है, तो थोड़ा और गर्म करके डाल सकते हैं.
स्वाद और उपयोग
यह पारंपरिक आम का अचार पराठे, दाल-चावल, पूरी और सादी रोटी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है. इसका खट्टा-तीखा स्वाद खाने की साधारण थाली को भी खास बना देता है.