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इंदौर में आम प्रेमियों के लिए इंतजार खत्म हो चुका है, जहां 8 मई से ‘मैंगो जत्रा’ उत्सव शुरू हो चुका है, जो 10 मई तक चलेगा. आम की अलग-अलग वैरायटी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं. इंदौर के ग्रामीण हाट बाजार में यह उत्सव पिछले 14 सालों से आयोजित हो रहा है. मैंगो जत्रा में रत्नागिरी के हापुस आम की भारी डिमांड है. आइए जानते हैं, इसके बारे में.
‘मैंगो जत्रा’ में रत्नागिरी का हापुस आम (अल्फांसो) मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं. इनकी कीमत साइज के अनुसार है और 500 से लेकर 1500 दर्जन तक बिक रहे हैं. कम फसल होने की वजह से आम के दाम पिछले साल के मुकाबले कुछ ज्यादा हैं. लेकिन फिर भी लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं. छोटे साइज के हापुस 500 के दो दर्जन तक में भी उपलब्ध हैं.
रत्नागिरी और देवगढ़ के हापुस आम देखने में गोल होते हैं और खाने में बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट होते हैं. इंदौर के लोगों को यह आम बहुत ही ज्यादा पसंद आते हैं. दुकानदार ने बताया है कि इस आम में कोई केमिकल का उपयोग नहीं हुआ है. यह पेड़ से पका हुआ आम है. इसके ऊपर पैकिंग डेट है. इसका स्वाद बहुत मीठा रहता है.
महाराष्ट्र के रत्नागिरी क्षेत्र में पैदा होने वाला हापुस आम, जिसे अल्फांसो आम भी कहा जाता है. अपने खास स्वाद, सुगंध और गुणवत्ता के कारण देश-दुनिया में प्रसिद्ध है. यही वजह है कि इसे आमों का राजा भी कहा जाता है. इसका गूदा बेहद मुलायम और क्रीमी होता है, जबकि इसकी खुशबू इतनी खास होती है कि दूर से ही इसकी पहचान हो जाती है.
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रत्नागिरी का हापुस आम पकने के बाद सुनहरा पीला और हल्का केसरिया रंग का दिखाई देता है, जो इसे और आकर्षक बनाता है. विशेषज्ञों के मुताबिक रत्नागिरी की लाल मिट्टी, समुद्री हवाएं और तटीय जलवायु इस आम को खास स्वाद प्रदान करती हैं. यही कारण है कि यहां पैदा होने वाला हापुस दूसरे क्षेत्रों के आमों से अलग माना जाता है. इस आम में गुठली छोटी और गूदा अधिक होता है, जिससे खाने योग्य हिस्सा ज्यादा मिलता है.
हापुस आम की विदेशों में भी खूब मांग होती है. इसे अमेरिका, जापान, दुबई और यूरोप सहित कई देशों में इसका निर्यात किया जाता है. हापुस आम का मौसम सीमित होता है और यह मुख्य रूप से मार्च से जून के बीच बाजार में उपलब्ध रहता है. कम समय तक उपलब्ध रहने की वजह से इसकी कीमत ज्यादा होती है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर की लोकप्रिय और आम के अत्यंत महत्वपूर्ण उत्सव आम जत्रा पहुंचे. इस दौरान आम उत्पादकों से उन्होंने आम की विशेषताओं के बारे में जानकारी ली. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसान कल्याण वर्ष बना रही है. पूरे देश और दुनिया में जिस आम की धाक है. उसका मालवा में होना अच्छी बात है. सीएम ने खुद कार्यक्रम में हापुस आम खाने की इच्छा भी जताई.