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Pro Tip For Spongy Idli: दाल-चावल की इडली बनाते समय लोग अक्सर शिकायत करते हैं कि वो फूलती नहीं हैं. इस बारे में रांची की कुकिंग एक्सपर्ट कुकू बताती हैं कि कुछ बैटर में अगर ये दो आइटम मिला दिए जाएं तो आपकी इडली बेहद मुलायम, मुंह में घुलने वाली बनती हैं.
रांची. कई बार ऐसा देखा जाता है कि लोग घर में इडली तो बनाते हैं, लेकिन उनकी इडली बिल्कुल भी स्पंजी नहीं बनती और सॉफ्ट नहीं होती. इडली खाने का मन तो करता है और लोग बाहर जाकर खाते हैं, क्योंकि घर में वैसी सॉफ्टनेस नहीं आ पाती और लोगों को लगता है आखिर यह ठेले वाले और रेस्टोरेंट वाले डालते क्या हैं, जिस वजह से इडली इतनी सॉफ्ट हो जाता है. ऐसे में आपको बस इन दो चीजों का इस्तेमाल करना है.
दो चीजें डालें, मुंह में जाते ही घुलेगी
रांची की रहने वाली कुकू बताती हैं, मैं हर तीसरे-चौथे दिन इडली बनाती हूं, क्योंकि इडली मेरी फेवरेट है और बाहर खाने से मन नहीं भरता. इसलिए घर पर ही बनाती हूं. इसे बनाते समय अगर आप एक-दो चीज का ध्यान रख लें, तो आपकी इडली बहुत अधिक स्पंजी बनेगी. इतनी स्पंजी कि बिना दांत वाले लोग भी खा लेंगे. मतलब मुंह में जाते ही घुल जाएगी. आपको चबाने तक की जरूरत नहीं पड़ेगी.
थोड़ा सा पोहा और मेथी दाना
कुकू बताती हैं, इसके लिए आपको थोड़ा सा पोहा लेना पड़ेगा. आधा कटोरी पोहा लेकर उसे पानी में भिगो लीजिए और मिक्सी में पीस लीजिए. फिर उसे चावल और दाल का जो पेस्ट है, उसमें मिला देना है. इससे खमीर जबरदस्त उठेगा, आपका पेस्ट सीधा डबल हो जाएगा. इसके अलावा इसमें आपको आधा चम्मच मेथी दाना डालना है. दोनों को पहले फुला दें फिर बैटर के साथ बारीक पीसें.
मेथी दाना करता है खमीर उठाने में मदद
मेथी दाने से भी इसका खमीर बहुत ही शानदार उठता है. मान लीजिए, अगर आपका पेस्ट आधी मात्रा में है, तो सुबह आप देखेंगे कि यह सीधा ऊपर तक आ चुका है, मतलब सीधा डबल हो चुका है. बस इन दो चीजों की मदद लें और कम से कम 12 से 13 घंटा इसको छोड़ दें. इससे कम बिल्कुल भी नहीं. 8 से 9 घंटे में कुछ नहीं होगा. कई बार लोग सिर्फ 7-8 घंटे छोड़ते हैं, लेकिन आपको 12 से 13 घंटा छोड़ना है. गर्मियों में यह टाइम इतना है और जब सर्दी होती है तो सही खमीर के लिए आपको बैटर 24 घंटे तक भी बाहर छोड़ना पड़ता है. इसके बाद ही वो सही फर्मेंट होता है.
बनेगी एकदम सॉफ्ट
उसके बाद जब आप इडली बनाएंगे तो देखेंगे कि यह एकदम सॉफ्ट बनी है. इसे हाथ में लीजिए, आपके हाथ में लेते ही टूटकर गिर जाएगी, तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यह एक्स्ट्रा सॉफ्ट बन जाती है और इतनी सॉफ्ट होने की वजह से पाचन के लिए भी अच्छी होती है. इसे हम लोग बादाम या नारियल की चटनी और सांभर के साथ परोसते हैं. कई बार तो ये केवल सूखी ही फ्राई करके खायी जाती है. राई, करी पत्ता के साथ तलिए और हरी चटनी के साथ मजा लीजिए.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें