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Anarse Sweet: यह मिठाई सागर के अलावा कहीं और नहीं बनती है. सागर से ही दूर-दूर तक यह मिठाई जाती है. लगभग 50 साल पहले सागर में मिठाई को बनाने की शुरुआत हुई थी आज हर कोई इसका दीवाना है. सीजन में 2 महीने मिलने वाली इन मिठाई को खऱीदने के लिए दुकान पर लोगों की भीड़ लग जाती है.

बुंदेलखंड का सागर अपनी लजीज खान पान के लिए जाना जाता है यहां पर अलग-अलग तरह की कई चीजें फेमस है जो केवल सागर ही नहीं बल्कि देश दुनिया तक अपना नाम बना चुकी हैं. ऐसे ही सागर शहर में बनने वाले ‘अनरसे’ विश्व फेमस है. जो केवल बारिश के सीजन में 2 महीने ही बनाए जाते हैं. जिनकी शुरुआत लगभग 1986 में हुई थी. आज यह सागर में गिने चुने स्थानों पर ही मिलते है.

सामान्य मिठाई की अपेक्षा यह बहुत सस्ती होते हैं लेकिन इनको ताजा गरमा गरम खाने पर बेहद ही स्वादिष्ट लगते हैं. वैसे इनको दो-तीन दिन तक भी घर में रखा जा सकता है. बता दें कि इसकी डिमांड ज्यादा होने और कम जगह मिलने से यह बनते ही बिक जाते हैं यह जिन स्थानों पर बनते हैं वहां शाम से ही भीड़ लगना शुरू हो जाती है.

बनाने की पूरी विधि
अनरसे को बनाने में चावल को फूलने के लिए पानी में डाल देते हैं और फिर इसको बारिक पीसा जाता है, और इसी तरह से बादाम, काजू, किशमिश, मखाना को भी पानी में भिगोकर लजीज बनाया जाता है और फिर उनको पीसा जाता है. इस तरह से चावल और मावा को मिक्स किया जाता है इसमें शक्कर को महीन पीसकर तीनों चीजों को मिलाया जाता है और कम से कम 6 घंटे के लिए छोड़ देते हैं. फिर इनको आटे के जैसा गूंथकर पुरी के जैसे छोटी-छोटी लोई बनाई जाती है, फिर भट्टी पर आग जलाकर कढ़ाई में डालडा को डालते हैं जब यह गर्म हो जाता है तो हल्की मध्य धीमी आंच में इनको तला जाता है, जब यह अच्छी तरह से पक जाते हैं तो इन्हें निकालकर ऐसी जगह रखते हैं जिससे इनमें भरा हुआ डालडा निचोड़ कर नीचे गिर सके. इसी मिठाई को लोग खरीदने के लिए लाइन लगते हैं.

सागर शहर की यह काफी मशहूर मिठाई है. यह ₹200 किलो बिकती है बनने के बाद यह सूखे हुए दही बड़ा की तरह दिखाई देते हैं. आधा किलो में लगभग 15 पीस चढ़ते हैं. और यह बारिश के मौसम में इसलिए बनाए जाते हैं क्योंकि इस समय मौसम में नमी होती है जिसकी वजह से चावल में रवा रहता है. जिससे इसमें स्वाद और टेस्ट अच्छा बन जाता है.

50 साल पहले हुई थी मिठाई बनाने की शुरुआत
अर्पित बिल्थरे बताते हैं कि यह मिठाई सागर में केवल दो-तीन जगह पर ही मिलती है क्योंकि इसको हर कोई नहीं बनाता है, लेकिन जहां पर भी यह मिठाई मिलती है वहां पर इसके शौकीनों की भीड़ लग जाती है और इसके खाने वाले दीवाने होते हैं.

शिवम बोहरे कहते हैं कि अगर आप सागर में रहते हैं और मानसून का सीजन है ऐसे में अनरसे नहीं खाए तो फिर आपने कुछ नहीं खाया, क्योंकि यह मिठाई सागर के अलावा कहीं और नहीं बनती है. सागर से ही दूर-दूर तक यह मिठाई जाती है. लोकल शहर में यह काफी मशहूर है, लगभग 50 साल से सागर में मिठाई को बनाने की शुरुआत हुई थी आज हर कोई इसका दीवाना है.

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Mohd Majid

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