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दरभंगा की गृहिणी सपना चौधरी ने मटन बनाने का खास ‘लेयरिंग’ नुस्खा साझा किया है. कुकर में प्याज और मटन की परतें लगाकर, भुने हुए धनिया और पंचफोरन के साथ इसे मात्र 25 मिनट में तैयार किया जा सकता है. इसमें नमक बाद में डालने का देसी राज स्वाद को दोगुना कर देता है.

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दरभंगा: मिथिलांचल की पाक कला में मटन का स्थान किसी उत्सव से कम नहीं है. यहां की रसोई में मटन बनाने का अंदाज भी उतना ही खास है, जितना यहां का आतिथ्य. दरभंगा की रहने वाली गृहिणी सपना चौधरी ने मटन बनाने की एक ऐसी पारंपरिक और सरल ‘देसी रेसिपी’ साझा की है, जो न केवल समय और ईंधन की बचत करती है, बल्कि स्वाद के मामले में बड़े-बड़े रेस्तरां को मात देती है. बिरयानी की तरह लेयरिंग (परतदार) विधि से बनने वाला यह मटन मिथिला की सांस्कृतिक खुशबू और सौंधेपन को खुद में समेटे हुए है.

सपना चौधरी के अनुसार, इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत इसके दो खास देसी नुस्खे हैं. पहला नुस्खा है घर का पिसा हुआ धनिया. वे बताती हैं कि बाजार के धनिया पाउडर में वह खुशबू नहीं मिल पाती, जो मटन के लिए जरूरी है. इसके लिए साबुत धनिया को तवे पर हल्का भूनकर मिक्सी में पीसना चाहिए. दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण नुस्खा है नमक डालने का सही समय. अधिकांश लोग शुरुआत में ही नमक डाल देते हैं, लेकिन सपना का मानना है कि नमक हमेशा 3 सीटी लगने के बाद ही डालना चाहिए ताकि मटन अपना पानी न छोड़े और उसका असली स्वाद बरकरार रहे.

घर पर ऐसे बनाएं
बनाने की विधि पर चर्चा करते हुए वे बताती हैं कि इसमें 1 किलो मटन के साथ लगभग 600 ग्राम लंबा कटा प्याज इस्तेमाल होता है. कुकर में सबसे पहले सरसों तेल की एक परत दी जाती है, उसके बाद प्याज और मटन की बारी-बारी से दो-तीन लेयर बिछाई जाती है. इसके ऊपर अदरक-लहसुन का पेस्ट, साबुत लाल मिर्च, भुना धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, पंचफोरन और सरसों तेल डाला जाता है. यह विधि प्याज और मटन के रस को आपस में रचने-बसने का पर्याप्त मौका देती है, जिससे ग्रेवी का स्वाद काफी गहरा और लाजवाब हो जाता है.

‘दम मटन’ की खासियत
इस ‘दम मटन’ की खासियत इसकी सरलता और कम समय में तैयार होना है. कुकर में मध्यम आंच पर 3 सीटी लगाने के बाद, प्रेशर निकलने पर नमक और गरम मसाला डालकर 5 मिनट भूनने से तेल अलग हो जाता है और बेहतरीन मटन तैयार हो जाता है. सरसों तेल और पंचफोरन का तड़का इसे शुद्ध मिथिलांचल का स्वाद देता है. गरमा-गरम चावल या भात के साथ परोसा गया यह मटन किसी भी छुट्टी के दिन को दावत में बदलने का दम रखता है. एक बार इस विधि से मटन बनाने के बाद परिवार में इसकी मांग बार-बार होने लगती है.

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Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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