नई दिल्ली: BRICS सम्मेलन खत्म होने के बाद अब इसकी सफलता की चर्चा हो रही है। भारत-रूस और चीन की चर्चा भी काफी हो रही है। लेकिन इस चर्चा में बांग्लादेश के पीएम को न्योता देने या नहीं देने का सवाल भी उठ रहा है। आज विदेश मंत्रालय की ओर से इसका भी जवाब दिया गया। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताय कि बांग्लादेश के पीएम को भी न्योता भेजा गया था। वहीं पाकिस्तान की ओर से मसूद अजहर पर इनाम की राशि बढ़ाए जाने को उन्होंने एक नाटक करार दिया।

बांग्लादेश के पीएम को न्योता दिया गया था या नहीं?

बांग्लादेश के PM तारिक रहमान को BRICS समिट के लिए न्योता देने के सवाल पर, MEA के प्रवक्ता ने कहा, “हमने बांग्लादेश के प्राइम मिनिस्टर को बाइलेटरल विज़िट के लिए इनवाइट किया था। इसके बाद, उन्हें BIMSTEC के चेयर के तौर पर BRICS समिट में शामिल होने के लिए भी इनवाइट किया गया था। इसलिए, उन्हें दो इनविटेशन मिले थे – एक बाइलेटरल विज़िट के लिए और दूसरा BRICS समिट में हिस्सा लेने के लिए।

मसूद अजहर के मामले पर क्या बोले जायसवाल?

जैश-ए-मोहम्मद (JeM) चीफ मसूद अजहर पर PKR 70 लाख के इनाम की पाकिस्तान की घोषणा के बारे में, MEA के स्पोक्सपर्सन ने कहा, “पाकिस्तान द्वारा इस तरह के गिमिक और लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिशें कोई नई बात नहीं हैं। पाकिस्तान को ऐसे अनाउंसमेंट करने के बजाय ठोस एक्शन लेना चाहिए जिनका आखिर में कोई नतीजा न निकले।”

भारत-चीन के बीच क्या सहमति बनी?

BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान क्या सहमति बनी इस पर विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है। दोनों पक्ष भारत-चीन संबंधों के प्रति आपसी सम्मान और संवेदनशीलता पर सहमत हुए। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि PM नरेंद्र मोदी ने भारत की चिंताओं का ज़िक्र किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों पक्षों को एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। यह आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता से गाइड होना चाहिए। 

भारतीय जहाज पर हमले पर क्या बोले रणधीर जायसवाल?

ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज MT एल गैया पर हमले पर, MEA के प्रवक्ता ने कहा कि 13 भारतीय नागरिकों/नाविकों को बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक, नाविक लापता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने नागरिकों को बचाने की उनकी कोशिशों के लिए ओमानी अधिकारियों को धन्यवाद दिया।

बता दें इससे पहले ब्रिक्स को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान भी आया था। जयशंकर ने BRICS सम्मेलन को भारत की बड़ी कामयाबी बताया।  उन्होंने कहा कि बहुत बंटी हुई दुनिया, युद्ध और देशों के बीच गहरे मतभेदों जैसी चुनौतियों के बीच इस शिखर सम्मेलन में भारत आम सहमति बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन ने यह दिखाया कि गहरे ग्लोबल ध्रुवीकरण और झगड़ों के बावजूद आम सहमति बनाई जा सकती है।

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