Rice Washing Tips: भारतीय रसोई में चावल एक ऐसा खाना है जो लगभग हर घर में बनता है. कोई इसे दाल के साथ खाना पसंद करता है, तो कोई पुलाव, फ्राइड राइस या खिचड़ी के रूप में. चावल बनाना जितना आसान लगता है, उतना ही जरूरी है इसे सही तरीके से तैयार करना. अक्सर लोग चावल पकाने से पहले उसे धोते तो हैं, लेकिन सही तरीका नहीं जानते. वहीं कई लोग बिना धोए ही चावल को सीधे कुकर या बर्तन में डाल देते हैं. यही छोटी-सी गलती चावल के स्वाद, रंग और टेक्सचर पर बड़ा असर डाल सकती है. बहुत से लोगों को लगता है कि चावल धोने का मकसद सिर्फ गंदगी हटाना है, जबकि असल में इसका संबंध चावल की गुणवत्ता से भी जुड़ा होता है.

चावल के ऊपर मौजूद अतिरिक्त स्टार्च पकने के बाद दानों को आपस में चिपका सकता है. ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि हर बार आपके चावल सफेद, हल्के और अलग-अलग दानों वाले बनें, तो चावल धोने का सही तरीका जानना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि चावल धोने की सही प्रक्रिया क्या है, कौन-से चावल धोने चाहिए और किन चावलों को बिना धोए भी पकाया जा सकता है.

चावल धोना क्यों जरूरी है?
बाजार में मिलने वाले ज्यादातर चावल साफ और प्रोसेस किए हुए होते हैं. इसके बावजूद उन्हें धोने की सलाह दी जाती है. इसकी सबसे बड़ी वजह चावल की ऊपरी सतह पर मौजूद अतिरिक्त स्टार्च है. जब चावल को पानी से धोया जाता है, तो यह अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है. इससे पकने के बाद चावल के दाने एक-दूसरे से चिपकते नहीं हैं और ज्यादा खिले-खिले बनते हैं, अगर चावल को बिना धोए पकाया जाए, तो दाने ज्यादा चिपचिपे और भारी लग सकते हैं.

चावल धोने का सही तरीका
1. सही मात्रा में चावल लें
सबसे पहले जितने लोगों के लिए चावल बनाना हो, उतनी मात्रा में चावल किसी बड़े बर्तन में निकाल लें. इससे धोने में आसानी होती है.

2. पानी डालकर हल्के हाथों से चलाएं
अब चावलों में इतना पानी डालें कि वे पूरी तरह डूब जाएं. इसके बाद हाथों की मदद से चावल को हल्के-हल्के घुमाएं. कुछ ही सेकंड में पानी सफेद और धुंधला दिखाई देने लगेगा. यह अतिरिक्त स्टार्च होता है जो बाहर निकल रहा होता है.

3. गंदा पानी निकाल दें
जब पानी धुंधला हो जाए तो उसे धीरे-धीरे बाहर निकाल दें. ध्यान रखें कि चावल के दाने पानी के साथ बाहर न जाएं.

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4. इस प्रक्रिया को दोहराएं
फिर से साफ पानी भरें और वही प्रक्रिया दोहराएं. आमतौर पर 3 से 4 बार धोने के बाद पानी काफी हद तक साफ दिखने लगता है. इसका मतलब है कि अतिरिक्त स्टार्च निकल चुका है.

5. कुछ देर भिगोकर रखें
अगर आप बासमती या लंबे दाने वाले चावल बना रहे हैं, तो धोने के बाद उन्हें करीब 20 से 30 मिनट तक पानी में भिगोकर रख सकते हैं. इससे चावल जल्दी पकते हैं और दाने लंबे व खिले हुए बनते हैं.

कौन-से चावल जरूर धोने चाहिए?
1. लंबे दाने वाले चावल
बासमती और जैस्मिन जैसे चावल धोना सबसे अच्छा माना जाता है. इससे उनके दाने अलग-अलग रहते हैं और पुलाव या फ्राइड राइस जैसी डिशेज में बेहतर रिजल्ट मिलता है.

2. छोटे दाने वाले चावल
सुशी बनाने वाले चावलों को भी अच्छी तरह धोया जाता है. इससे उनमें संतुलित चिपचिपापन बना रहता है और वे जरूरत से ज्यादा लिसलिसे नहीं होते.

3. ब्राउन राइस
ब्राउन राइस में स्टार्च कम होता है, लेकिन इसे हल्का धो लेना बेहतर रहता है. इससे धूल या छोटे कण निकल जाते हैं.

किन चावलों को धोना जरूरी नहीं होता?
कुछ खास रेसिपी जैसे खीर, रिसोट्टो या पेला में स्टार्च की जरूरत होती है. ऐसे मामलों में चावल को ज्यादा धोने से उसका प्राकृतिक टेक्सचर प्रभावित हो सकता है.

इसके अलावा अगर पैकेट पर “Pre-Washed” लिखा हो, तो उसे दोबारा धोने की जरूरत नहीं होती. वहीं “Enriched Rice” में अतिरिक्त पोषक तत्व मिलाए जाते हैं. ऐसे चावलों को धोने से उनमें मौजूद कुछ पोषक तत्व कम हो सकते हैं. इसलिए पैकेट पर दिए गए निर्देशों को पढ़ना हमेशा अच्छा माना जाता है.

चावल धोते समय होने वाली आम गलतियां
सिर्फ एक बार पानी से धोकर संतुष्ट हो जाना. चावल को बहुत जोर से रगड़ना, जिससे दाने टूट सकते हैं. जरूरत से ज्यादा बार धोना, जिससे स्वाद और बनावट प्रभावित हो सकती है. पैकेट पर दिए निर्देशों को नजरअंदाज करना. धोने के बाद तुरंत पकाने की बजाय लंबे समय तक पानी में छोड़ देना. चावल धोना एक छोटी लेकिन बेहद अहम प्रक्रिया है.

सही तरीके से धोए गए चावल न सिर्फ ज्यादा साफ दिखाई देते हैं, बल्कि पकने के बाद उनका स्वाद और टेक्सचर भी बेहतर होता है, अगर आप हर बार सफेद, हल्के और खिले-खिले चावल चाहते हैं, तो चावल धोने की सही प्रक्रिया अपनाना जरूरी है. साथ ही चावल की किस्म के अनुसार ही उसे धोने या न धोने का फैसला करें.



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