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Pahadi Jholi Recipe: उत्तराखंड के पहाड़ों में गर्मियों के दिनों में जब दाल खाने का मन नहीं करता, तब प्याज मेथी से बनी लाजवाब डिश ( झोली) हर घर की पहली पसंद बन जाती है. छाछ और मेथी के मेल से बनी यह झोली न सिर्फ पेट को ठंडक देती है, बल्कि इसका खट्टा-तीखा स्वाद भूख को दोगुना कर देता है. आइए जानते हैं पहाड़ी रसोई से निकली इस खास रेसिपी को बनाने का सबसे आसान और पारंपरिक तरीका.
Pahadi Jholi Recipe: पहाड़ों की बात हो और वहां के खान-पान का जिक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. उत्तराखंड के गांवों में आज भी पारंपरिक खान-पान का अपना अलग ही जलवा है. खासकर गर्मियों के मौसम में जब चिलचिलाती धूप होती है, तब पहाड़ों में दाल की जगह झोली बड़े चाव से खाई जाती है. मेथी और प्याज के मेल से बनने वाली यह झोली न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत अच्छी मानी जाती है.
पिथौरागढ़ की रहने वाली गृहणी नर्वदा देवी बताती हैं कि वे सालों से अपने घर में यह झोली बना रही हैं. यह डिश बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको खूब पसंद आती है और गर्म-गर्म भात (चावल) के साथ तो इसका स्वाद लाजवाब हो जाता है. आइए जानते हैं कि आप अपने घर पर पहाड़ी स्वाद वाली यह मेथी-प्याज की झोली कैसे तैयार कर सकते हैं.
झोली बनाने की विधि
- सबसे पहले ताजी मेथी और प्याज को साफ करके बारीक काट लें. अगर आपके पास पहाड़ों वाली सूखी मेथी है, तो उसे थोड़ी देर पानी में भिगो दें, इससे स्वाद और भी निखर कर आता है.
- पहाड़ी खाने का असली स्वाद लोहे की कढ़ाई में ही आता है. कढ़ाई में सरसों का तेल गरम करें और उसमें जीरा व पहाड़ी सेकवा (जखिया) डालें. जब जीरा चटकने लगे, तब बारीक कटा हुआ प्याज डालकर उसे सुनहरा होने तक अच्छे से भूनें.
- प्याज भूनने के बाद इसमें मेथी डाल दें. अब ऊपर से हल्दी, नमक और अपनी जरूरत के हिसाब से मसाले मिलाएं. थोड़ा सा पानी डालकर इसे कुछ देर पकने दें ताकि मेथी नरम हो जाए और मसाले अच्छे से मिल जाएं.
- एक बर्तन में छाछ लें और उसमें गेहूं का आटा डालकर अच्छे से घोल लें ताकि कोई गांठ न रहे. अब इस घोल को धीरे-धीरे कढ़ाई में डालें. घोल डालने के तुरंत बाद इसे बहुत ज्यादा न चलाएं, वरना छाछ फट सकती है और झोली का स्वाद खराब हो सकता है.
- जब झोली अच्छे से पक जाए और थोड़ी गाढ़ी दिखने लगे, तब गैस बंद कर दें. अब एक छोटे पैन में घी गरम करें, उसमें हींग और सूखी लाल मिर्च डालकर तड़का तैयार करें और इसे झोली के ऊपर फैला दें. यही तड़का इसे वो खास पहाड़ी खुशबू और स्वाद देता है. आप इस झोली को गरमा-गरम चावलों (भात) के साथ परोसें. यकीन मानिए, इसे खाने के बाद आप गर्मियों में दाल का स्वाद भूल जाएंगे.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें