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Rice Flour Drink: पेज एक तरल पेय पदार्थ है, जो गर्मियों के दिनों में शरीर में ठंडक देने का काम करता है. ऐसे में दादी-नानी के जमाने से इस पेय पदार्थों को पिया जा रहा है. अभी भी उनके घर में पेज बनती है. पहले के जमाने में हांडी में पेज बनाया जाता था लेकिन अब समय के साथ अब धातु के बर्तन में पेज बनाते हैं.
बालाघाट. गर्मियों के दिन आ गए हैं और दिन ब दिन तापमान बढ़ता जा रहा है. इस दौरान शरीर में थकान और पानी की कमी से शरीर में सुस्ती आ जाती है. ऐसे में ज्यादातर लोग कोल्ड ड्रिंक का सहारा लेते हैं. लेकिन एक समय था जब कोल्ड ड्रिंक नहीं थी. तब लोग दिन भर भरी गर्मी में काम करते थे लेकिन उन्हें थकान नहीं लगती थी, सुस्ती नहीं लगती थी और तो और लु भी दूर रहती थी. ऐसे में वह करते क्या थे. वह अपनी देसी ड्रिंक पीते थे. दरअसल, उस समय कारगर और शुद्ध उपाय थे जो उन्हें गर्मी से होने वाली समस्याओं से तो दूर रखते ही थे साथ ही पोषक तत्व भी प्रदान करते थे. एक इसी तरह का पेय पदार्थ है, जिसे मध्य प्रदेश के बालाघाट में पेज और महाराष्ट्र में आंबिल के नाम से जानते हैं.
बालाघाट के ग्रामीण अंचलों में बनने वाली ‘पेज’ आज भी उतनी ही प्रासंगिक है. लोग गर्मी से बचने के लिए पेज का सेवन करते हैं. भले ही लोग शहरों की ओर आ गए हैं लेकिन वह पेज पर उतना ही भरोसा करते हैं. बालाघाट की रहने वाली निशा लिल्हारे बताती है कि पेज एक तरल पेय पदार्थ है, जो गर्मियों के दिनों में शरीर में ठंडक देने का काम करता है. ऐसे में दादी-नानी के जमाने से इस पेय पदार्थों को पिया जा रहा है. अभी भी उनके घर में पेज बनती है. पहले के जमाने में हांडी में पेज बनाया जाता था लेकिन अब समय के साथ अब धातु के बर्तन में पेज बनाते हैं.
10 मिनट में बन जाता है पेज
आमतौर पर चावल के आटे से पेज बनाया जाता है. इसमें बनाने में दो से तीन दिन तक भिगोकर रखे जाता है. ऐसे में यह तीन दिन तक इसे अमाया यानी फर्मनटेड किया जाता है. फिर दो से तीन दिन में वह पेस्ट तैयार हो जाता है. फिर पेज बनाने के लिए आपको एक बर्तन लेना है, जिसमें आप पानी गर्म करेंगे. पानी के अंदर आने यानी उबलने तक इंतजार करेंगे. फिर अमाया हुआ चावल का आटे का घोल तैयार कर लेंगे. फिर उसे गर्म पानी में डाल देंगे. लेकिन आपको लगातार उसमें चम्मच चलाना है, ताकि वह अच्छे से मिक्स हो जाए. आपकी पेज थोड़ी ही देर में तैयार हो जाएगी.
चावल ही इन अनाजों की भी बनता है पेज
आमतौर पर चावल की उपलब्धता के आधार पर ज्यादातर लोग चावल के आटे की ही पेज पीते हैं. लेकिन आप रागी, बाजरा, कोदो और कुटकी के आटे की भी पेज बना सकते हैं. दरअसल, बालाघाट में चावल के अलावा कोदो और कुटकी का भी उत्पादन होता है. ऐसे में उनके अपने फायदे होते हैं.
मजदूरों और किसानों का है बेस्ट ड्रिंक
बालाघाट में गर्मियों के दिनों में कड़ी धूप में काम करने वाले मजदूर और किसान भाई अक्सर खेत जाने से पहले खाने के साथ या फिर ऐसे ही इसका सेवन करते हैं, जो न सिर्फ उन्हें गर्मी और लू से बचाती है बल्कि ऊर्जा भी प्रदान करती है. दरअसल, चावल का कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत माना जाता है. ऐसे में यह ड्रिंक किसानों का ड्रिंक कहलाता है. इस ड्रिंक में कैल्शियम, मिनरल्स सहित कई पोषक तत्व होते हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं.
ऐसे कर सकते हैं सेवन
अनुसुइया लिल्हारे बताती है कि इसे सिर्फ ऐसे ही पिया जा सकता है. लेकिन पहले वह पेज के साथ पोपट की घूंघरी के साथ भी पिया करते थे. वहीं, अब भी लोग इसे चावल के आटे से बने इस पेज के साथ चावल का भी सेवन कर सकते हैं. इससे उन्हें भरपूर ऊर्जा के साथ स्वाद भी मिलता है.
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