How To Make Healthy Kebabs : मानसून के मौसम में हल्की बारिश के बीच हर किसी का मन गरमा-गरम और चटपटी चीज़ें खाने का करता है, कबाब का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. हालांकि, मानसून के दौरान बाहर से कबाब खाने से पेट खराब होने, फ़ूड पॉइज़निंग और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. इस मौसम में पाचन क्रिया थोड़ी धीमी हो जाती है, और बाहर का मिलावटी तेल या ठीक से न पका हुआ मीट खाने से आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. लेकिन आपको अपना मन मारने की बिल्कुल जरूरत नहीं है! आप घर पर ही कुछ आसान बदलाव करके बेहद लजीज और सेहतमंद कबाब तैयार कर सकते हैं…
डीप-फ्राइंग के बजाय ‘एयर-फ्राइंग’ या ग्रिलिंग चुनें
बारिश के मौसम में कबाब को तेल में डीप-फ्राई करने से वे भारी हो जाते हैं और उन्हें पचाना मुश्किल होता है. डीप-फ्राइंग के बजाय, उन्हें एयर-फ्राई करें, ओवन में रोस्ट करें या नॉन-स्टिक पैन पर बस कुछ बूंद तेल या घी के साथ शैलो-फ्राई करें. इससे एक्स्ट्रा कैलोरी और फैट नहीं जुड़ता, कबाब क्रिस्पी बनते हैं और पेट के लिए हल्के रहते हैं.
इम्युनिटी बढ़ाने वाले मसालों का इस्तेमाल करें
मानसून के मौसम में शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करना बहुत ज़रूरी है. अपने कबाब के मिश्रण में अदरक, लहसुन, लौंग, काली मिर्च, अजवाइन और हींग जैसी चीज़ों की मात्रा बढ़ाएं. ये मसाले न केवल स्वाद और खुशबू बढ़ाते हैं, बल्कि इनमें एंटी-बैक्टीरियल गुण भी होते हैं जो मानसून से जुड़े पेट के इन्फेक्शन को रोकने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.
सब्जियों और दालों की मात्रा बढ़ाएं
चाहे आप वेज कबाब बना रहे हों या नॉन-वेज, उनमें फाइबर की मात्रा बढ़ाना एक समझदारी भरा फैसला है. कबाब के बेस में कद्दूकस की हुई गाजर, शिमला मिर्च या उबली हुई चना दाल और सोया चंक्स जैसी चीज़ें मिलाने से फाइबर बढ़ता है, जिससे पाचन तेज़ होता है, कबाब आसानी से पचते हैं और भरपूर पोषण भी मिलता है.
मैरिनेशन और साफ़-सफ़ाई पर खास ध्यान दें
अगर आप चिकन या मटन कबाब बना रहे हैं, तो मानसून के दौरान बैक्टीरिया से बचने के लिए सही मैरिनेशन तरीका अपनाना ज़रूरी है. मीट को अच्छी तरह धोने के बाद, उसे नींबू के रस, दही और हल्दी के साथ कम से कम एक घंटे के लिए मैरिनेट करें और बाहर रखने के बजाय रेफ्रिजरेटर में रखें. नींबू और हल्दी नैचुरल एजेंट के तौर पर काम करते हैं जो मीट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं.
चटनी में पुदीना और नींबू का डबल डोज
कबाब के साथ परोसी जाने वाली हरी चटनी उतनी ही ज़रूरी है जितने खुद कबाब. इस मौसम में चटनी बनाते समय, धनिया के साथ-साथ खूब सारे पुदीने के पत्ते, अदरक और नींबू का रस मिलाएं. ध्यान रखें कि पत्तों को गुनगुने नमकीन पानी में अच्छी तरह धोया जाए पुदीना और नींबू एसिडिटी और गैस को रोकने में मदद करते हैं, जिससे सबसे भारी कबाब भी आसानी से पच जाते हैं.
( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.