पंजाब में आज कांग्रेस के नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। एआईसीसी प्रभारी महासचिव सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और पार्टी के विभिन्न नेताओं को मंगलवार को पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे एक दलित व्यक्ति की कथित आत्महत्या के मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को हटाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। घटना की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने चीमा के आधिकारिक आवास की ओर मार्च करने और अवरोधकों को जबरन पार करने की कोशिश की, लेकिन उन पर पानी की बौछारें की गईं।
सीनियर नेता कुलजीत नागरा समेत कई प्रदर्शनकारी घायल
कांग्रेस ने दावा किया कि पानी की बौछारों के असर से सीनियर नेता कुलजीत नागरा समेत कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। संगरूर जिले के दिड़बा के रहने वाले गुलजार सिंह की 7 सितंबर को कथित तौर पर जहर खाने से मौत हो गई थी। उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि दिड़बा में एक कार्यक्रम के दौरान चीमा से उनके इलाके में मादक पदार्थों की तस्करी के बारे में सवाल पूछने के कारण सिंह को प्रताड़ित किया गया और जातिसूचक अपशब्द कहे गए।
पंजाब कांग्रेस में दिखी एकता
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान गुटों में बंटी पंजाब कांग्रेस में एकता दिखी। प्रदर्शन में राज्य इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और वडिंग को अध्यक्ष बनाए रखने का विरोध करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी हिस्सा लिया। गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। पंजाब के इस प्रदर्शन से राज्य कांग्रेस ईकाई में एकजुटता दिखाई दी।
ऐसे शुरू हुई थी पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी
पंजाब इकाई में गुटबाजी तब शुरू हुई, जब कांग्रेस नेतृत्व ने एक जुलाई को वडिंग को प्रदेश इकाई का प्रमुख बनाए रखने और चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने के फैसले की घोषणा की। चन्नी के नेतृत्व में नेताओं के एक वर्ग ने वडिंग को अध्यक्ष बनाए रखने के कदम का विरोध किया और इस पद से उन्हें हटाने की मांग की।