Delhi Food Outlets: चने की दाल को पीसकर उसके घोल (Batter) को लड्डूनुमा तलकर बनने वाले नमकीन लड्डुओं को दिल्ली में राम लड्डू कहा जाने लगा है. इसका यह नाम कैसे पड़ा, पड़ताल करने पर हमें इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली. बस यह पता चला कि कहीं इसे गुलगुले भी कहा जाता है तो कहीं मंगोड़ी भी. इसके अलावा कुछ नहीं पता. यह भी पुख्ता जानकारी नहीं मिली कि यह राम लड्डू किस प्रदेश से आया और इसके साथ कतरी हुई मूली क्यों परोसी जाती है. पड़ताल में हमें यह तो जानकारी मिल गई कि भगवान श्रीकृष्ण का नाम लड्डू गोपाल क्यों पड़ा. लेकिन राम लड्डू तो हमारे लिए अनजान ही रहे. इस बहस की भरपाई करने के लिए आज हम आपको दिल्ली के सबसे मशहूर राम लड्डू वाले के पास लेकर चल रहे हैं. गजब हैं इसके लड्डू. एकदम ताजे और चटपटे. इसी खासियत के चलते फिल्म ‘क्वीन’ में हीरोइन कंगना रनौत ने इसी ठिए के लड्डू खाकर राजकुमार राव को प्रेम से देखा था.
लड्डू के साथ हरी मिर्च का स्वाद है निराला
साउथ दिल्ली का लाजपत नगर इलाका भरपूर आवासीय भी है और कमर्शियल भी. इसी के सेंट्रल मार्केट में रामा पैलेस शोरूम के बिल्कुल बगल में कॉर्नर की दुकान पर चल रही है ’राम लड्डू फूड कॉर्नर’ की दुकान. अभी दो साल पहले तक इस दुकान के सामने इन्हीं लड्डुओं का ठिया लगा करता था. लेकिन अब दुकान भी खोल ली गई है. वैसे राम लड्डू का ठिया आज भी दुकान के बाहर ही लगता है, जैसे वह सालों से लग रहा था.
चने और मूंग की दाल के मिक्स्चर के घोल से राम लड्डू तैयार किए जाते हैं.
सब कुछ ताजा और चटपटा. एक बड़ी कड़ाही में चने और मूंग की दाल के मिक्स्चर के घोल के लड्डू तले जा रहे हैं. उनके साथ-साथ बीच में इसी घोल में डूबी हरी मिर्च भी फ्राई हो रही है, यानी हरी मिर्च के पकौड़े भी साथ में है. इस सबको अच्छी तरह तलकर एक बड़ी थाल में डाला जा रहा है. उसके बाद लोगों को परोसा जा रहा है. इनको देखकर ही भूख बढ़ने सी लगती है.
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राम लड्डू के साथ परोसी जारी है मूली
आप इस ठिए पर पहुंचेंगे, ऐसा हो ही नहीं सकता कि वहां पर खाने के लिए लोग न खड़े हों. आप ऑर्डर दीजिए. पत्तों वाले दोने में छह लड्डू डाले जाएंगे. आप चाहे तो एक लड्डू कम कर उसमें मिर्च का पकौड़ा रखवा सकते हैं. इनके ऊपर कतरी हुई मूली और उसके पत्ते डाले जाएंगे. इन सभी के ऊपर हींग का विशेष चटपटा मसाला छिड़का जाएगा, फिर चटपटी हरी चटनी चारों और फैला दी जाएगी. आप चाहें तो इस डिश को थोड़ा मीठा बनाने के लिए मीठी चटनी भी डलवा सकते हैं.
यहां राम लड्डू का एक दोना 50 रुपये का मिलता है.
उसके बाद यह मूली-लड्डू का पहाड़ आपको सर्व कर दिया जाएगा. गरमा-गरम एक लड्डू उठाइए, उसे कतरी मूली के साथ लपेटिए और सीधे मुंह में डालिए. कुरकुरे लड्डू एकदम नरम हो जाते हैं. मजा ही मजा. चटपटा, तीखा और हलका मीठा स्वाद आपको अलग ही आनंद देगा. लड्डू का यह एक दोना 50 रुपये का है.
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1983 से चल रहा है इन लड्डुओं का धंधा
चूंकि अब दुकान भी खुल चुकी है तो ब्रेड पकौड़ा, समोसा आदि भी मिलने लगा है. लेकिन लोगों का मन तो इन चटपटे लड्डुओं में ही रमता है. इस ठिए को वर्ष 1983 में तीन भाइयों अतर सिंह यादव, यमुना सिंह व रामबाबू यादव ने शुरू किया था. चूंकि बड़ा मार्केट है, लोग शॉपिंग के अलावा हल्का-फुल्का खाने का भी मन बनाकर आते हैं. इसलिए यह लड्डू फेमस हो गए. अब इन भाइयों के साथ उनके बेटे चरण सिंह, नीरज भी हाथ बंटाते हैं. दोपहर को 12 बजे गरमा-गरम लड्डू मिलने शुरू हो जाते हैं और रात आठ बजे तक आप इनका आनंद उठा सकते हैं. अवकाश कोई नहीं है.
नजदीकी मेट्रो स्टेशन: लाजपत नगर
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