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बांग्लादेश के कुछ चाय बागान इलाकों में ताजी चाय की पत्तियों से एक अनोखी चटनी बनाई जाती है. पत्तियों को साफ कर पकाया जाता है और फिर मिर्च, नमक, प्याज व नींबू के साथ पीसकर तैयार किया जाता है. इसका स्वाद आम चटनी से काफी अलग होता है.
चाय की पत्ती का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में गर्मागर्म चाय का कप आता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि चाय की पत्ती से चटनी भी बनाई जा सकती है? सुनने में यह बात थोड़ी अजीब जरूर लगती है, लेकिन कुछ जगहों पर चाय की पत्तियों का इस्तेमाल खाने में भी किया जाता है. बांग्लादेश के चाय बागानों में रहने वाले कुछ समुदायों के भोजन में चाय की पत्ती से बनी चटनी का जिक्र मिलता है.
चाय की पत्ती वाली चटनी भारत के हर हिस्से में बनने वाली आम चटनी नहीं है. इसका संबंध बांग्लादेश के कुछ चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पारंपरिक खान-पान से बताया जाता है. वहां चाय की पत्तियों का इस्तेमाल सिर्फ चाय बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि कुछ स्थानीय व्यंजनों में भी किया जाता है. हालांकि, इस चटनी को किसी एक तय रेसिपी के रूप में नहीं देखा जा सकता. अलग-अलग जगहों और परिवारों में इसे बनाने का तरीका और इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री अलग हो सकती है.
कैसे तैयार की जाती है यह अनोखी चटनी?
चाय की पत्ती की चटनी बनाने के लिए खाने योग्य ताजी चाय की पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है. सबसे पहले पत्तियों को अच्छी तरह साफ किया जाता है. इसके बाद उन्हें हल्का नरम करने के लिए पकाया या भाप में तैयार किया जा सकता है. इसके बाद पत्तियों को बारीक काटा या पीसा जाता है. अब इसमें स्वाद के अनुसार हरी मिर्च, नमक, प्याज और दूसरी स्थानीय सामग्री मिलाई जा सकती है. चटनी में खट्टापन लाने के लिए नींबू या किसी दूसरी खट्टी चीज का इस्तेमाल किया जाता है. सभी सामग्री को मिलाकर पीसने के बाद चटनी तैयार हो जाती है. इस चटनी का स्वाद सामान्य धनिया या पुदीने की चटनी से काफी अलग हो सकता है. चाय की पत्तियों में हल्का कसैलापन होता है, इसलिए बाकी सामग्री की मात्रा संतुलित रखना जरूरी होता है.
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विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह News18 हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…
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