Chukandar Puri Recipe: रोज सुबह नाश्ते में ब्रेड, बिस्किट या वही पुरानी पूड़ी-सब्जी देखकर अगर घरवालों का मन थोड़ा ऊबने लगा है, तो इस बार रसोई में कुछ अलग ट्राई किया जा सकता है. चुकंदर की गुलाबी पूड़ी देखने में इतनी आकर्षक होती है कि प्लेट सामने आते ही ध्यान खींच लेती है. खासकर बच्चों के लिए सब्जियों को खाने में शामिल करना आसान नहीं होता, लेकिन जब वही चुकंदर चमकीली गुलाबी पूड़ी का रूप ले ले, तो कहानी बदल सकती है. चुकंदर को सलाद या जूस के रूप में पसंद न करने वाले लोग भी इसे इस तरह खा सकते हैं.
इसमें गेहूं का आटा, थोड़ा बेसन और सूजी मिलाने से स्वाद और बनावट दोनों अच्छे हो जाते हैं. ऊपर से अजवाइन, हींग, अदरक और कसूरी मेथी का स्वाद इसे साधारण पूड़ी से अलग बना देता है. इसे सुबह नाश्ते में, बच्चों के टिफिन में या छुट्टी वाले दिन लंच में भी बनाया जा सकता है.
चुकंदर की पूड़ी बनाने के लिए सामग्री
इस पूड़ी के लिए बहुत ज्यादा सामान जुटाने की जरूरत नहीं है. घर में मौजूद रोजमर्रा की चीजों से इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है. दो कप गेहूं का आटा, एक बड़ा उबला हुआ चुकंदर, दो बड़े चम्मच सूजी, दो बड़े चम्मच बेसन, एक-दो हरी मिर्च, आधा इंच अदरक, आधा छोटा चम्मच अजवाइन, एक चुटकी हींग, आधा छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर और एक छोटा चम्मच कसूरी मेथी लें. स्वाद के अनुसार नमक और एक बड़ा चम्मच तेल या घी मोयन के लिए रखें. पूड़ियां तलने के लिए अलग से तेल चाहिए.
पहले तैयार करें चुकंदर की प्यूरी
सबसे पहले चुकंदर को अच्छी तरह धोकर उबाल लें. ठंडा होने पर इसका छिलका उतारकर छोटे टुकड़ों में काट लें. अब इसे मिक्सी में डालें. साथ में अदरक, हरी मिर्च और करीब दो चम्मच पानी डालकर बारीक प्यूरी तैयार कर लें. प्यूरी जितनी स्मूथ होगी, आटे में मिलाना उतना ही आसान रहेगा. अब एक बड़ी परात में गेहूं का आटा, सूजी, बेसन, अजवाइन, हींग, भुना जीरा पाउडर, कसूरी मेथी और नमक डालें. इसमें एक बड़ा चम्मच तेल या घी डालकर सभी चीजों को हाथ से अच्छी तरह मिला लें.
ऐसे गूंथें पूड़ी का आटा
अब तैयार चुकंदर की प्यूरी को आटे में थोड़ा-थोड़ा करके मिलाएं. जरूरत के हिसाब से ही पानी डालें, क्योंकि चुकंदर की प्यूरी में पहले से नमी होती है. पूड़ी के लिए आटा रोटी के आटे से थोड़ा सख्त रखना बेहतर रहता है. ज्यादा नरम आटा होने पर पूड़ी बेलने और तलने में परेशानी हो सकती है. आटा तैयार होने के बाद इसके ऊपर थोड़ा तेल लगाएं और करीब 10 मिनट के लिए ढककर रख दें. इससे सूजी अच्छी तरह फूल जाएगी और आटा थोड़ा सेट हो जाएगा. 10 मिनट बाद इसे एक बार फिर हल्के हाथ से मल लें.
पूड़ी बेलते समय रखें यह बात ध्यान में
अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें. हर लोई पर थोड़ा तेल लगाकर बेलें. कोशिश करें कि सूखे आटे का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे तलते समय तेल जल्दी खराब हो सकता है. पूड़ी न बहुत पतली रखें और न बहुत मोटी. मध्यम मोटाई की पूड़ी अच्छी तरह फूलती है. कड़ाही में तेल गर्म करें. तेल पर्याप्त गर्म होने के बाद एक पूड़ी डालें और कछुल से हल्का दबाएं. अगर तेल सही तापमान पर है तो पूड़ी धीरे-धीरे फूलकर गोल हो जाएगी. इसे पलटकर दोनों तरफ से हल्का सुनहरा होने तक तलें और फिर टिशू पेपर पर निकाल लें.
किसके साथ परोसें चुकंदर की पूड़ी?
गुलाबी पूड़ी को गरमागरम आलू की रसेदार सब्जी, बूंदी वाले दही, हरी चटनी या अचार के साथ परोसा जा सकता है. बच्चों के लिए इसे हल्के मसाले वाली सब्जी या दही के साथ देना अच्छा विकल्प हो सकता है.