Khajoor Khasta Recipe: कभी-कभी घर में रखी साधारण सामग्री से ऐसी चीज बन जाती है, जिसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है. बिहार की खजूर खस्ता भी कुछ ऐसी ही पारंपरिक डिश है. नाम सुनकर भले ही आपको खजूर फल का ख्याल आए, लेकिन यह रेसिपी उससे अलग है. इसे आटा या मैदा, नारियल, मूंगफली, किशमिश और चीनी से तैयार किया जाता है. बाहर से हल्का खस्ता और अंदर से नरम बनावट इसकी खासियत है. यही वजह है कि इसे बच्चे हों या बड़े, दोनों बड़े चाव से खाते हैं. घर में मेहमान आए हों या शाम की चाय के साथ कुछ मीठा खाने का मन हो, खजूर खस्ता एक अच्छा विकल्प बन सकता है.
इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती. बस आटा गूंथते समय थोड़ी सावधानी और तलते समय धीमी आंच का ध्यान रखना जरूरी है.
बिहार की खास मिठाई है खजूर खस्ता
खजूर खस्ता को बिहार के पारंपरिक स्वाद से जोड़ा जाता है. इसकी बनावट साधारण मिठाइयों से थोड़ी अलग होती है. इसमें नारियल और भुनी मूंगफली डालने से हल्का कुरकुरापन और अच्छा स्वाद आता है, जबकि चीनी की मिठास इसे मिठाई जैसा स्वाद देती है. घर पर इसे बनाते समय आप आकार अपनी पसंद का रख सकते हैं. कई लोग इसे सांचे से डिजाइन देते हैं, जबकि कुछ लोग हाथ से छोटी-छोटी लोई बनाकर तैयार करते हैं. यही घरेलू अंदाज इसकी खूबसूरती है.
खजूर खस्ता बनाने के लिए सामग्री
इस रेसिपी के लिए करीब 500 ग्राम गेहूं का आटा या मैदा, 500 ग्राम तेल, 500 ग्राम चीनी, 250 ग्राम सूखा नारियल, 200 ग्राम किशमिश और 200 ग्राम मूंगफली की जरूरत होगी. सामग्री की मात्रा आप अपनी जरूरत और स्वाद के हिसाब से कम-ज्यादा भी कर सकते हैं.
सबसे पहले तैयार करें भरावन जैसा मिश्रण
सबसे पहले सूखे नारियल को कद्दूकस कर लें. मूंगफली को हल्का भूनकर उसके छिलके निकाल दें. इसके बाद मूंगफली को मिक्सर में बहुत बारीक करने के बजाय थोड़ा दरदरा कूटें. इससे खजूर खस्ता खाते समय मूंगफली का स्वाद अच्छी तरह महसूस होगा. अब इसमें नारियल और किशमिश मिला दें.
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आटा गूंथने में रखें खास ध्यान
एक बड़े बर्तन में आटा या मैदा लें और उसमें थोड़ा तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इसके बाद नारियल, मूंगफली और किशमिश का मिश्रण डालें. दूसरी ओर चीनी को पानी में घोलकर चाशनी जैसा मीठा घोल तैयार करें. अब इस घोल की मदद से आटा गूंथें. चीनी का पानी एक साथ डालने की बजाय थोड़ा-थोड़ा डालना बेहतर रहेगा. आटा न बहुत गीला होना चाहिए और न ही बहुत सख्त. सही बनावट मिलने पर छोटी-छोटी लोई तैयार कर लें.
धीमी आंच पर तलने से बनेगा खस्ता
अब हर लोई को हाथ से हल्का चपटा करें या सांचे की मदद से मनपसंद डिजाइन दें. इसी तरह सारे खजूर तैयार कर लें. कड़ाही में तेल गर्म करें और फिर आंच धीमी कर दें. खजूर को धीमी आंच पर धीरे-धीरे तलना जरूरी है. तेज आंच पर बाहर का हिस्सा जल्दी रंग पकड़ सकता है, जबकि अंदर की बनावट वैसी नहीं बन पाएगी. इसलिए धैर्य रखें और इन्हें हल्का सुनहरा होने तक तलें. तैयार खजूर खस्ता को निकालकर कुछ देर ठंडा होने दें.
चाय के साथ बढ़ जाता है स्वाद
शाम के समय चाय के साथ अगर कुछ मीठा और घर का बना हुआ खाने का मन हो तो खजूर खस्ता अच्छा विकल्प है. इसकी नरम बनावट बच्चों को भी पसंद आ सकती है. परिवार में किसी को ज्यादा मीठा पसंद नहीं है तो चीनी की मात्रा थोड़ी कम रखी जा सकती है.
खजूर खस्ता बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
इस रेसिपी में सबसे जरूरी बात आटे की सही बनावट है. बहुत ज्यादा पानी डालने से खस्ता अच्छी तरह नहीं बन पाएगा. वहीं बहुत सख्त आटा रखने पर यह खाने में ज्यादा कड़ा हो सकता है. मूंगफली को भी पूरी तरह पाउडर न बनाएं, थोड़ी दरदरी रहने पर स्वाद बेहतर आता है. तेल का तापमान भी ध्यान से रखें. मध्यम से धीमी आंच पर तलने से खजूर खस्ता धीरे-धीरे पकता है और अच्छी बनावट आती है. तलने के बाद इसे पूरी तरह ठंडा करके एयरटाइट डिब्बे में रखा जा सकता है.