Last Updated:
Deeg Mewat Famous Sweets Milk Cake and Jaleba: डीग जिले के मेवात क्षेत्र की पारंपरिक मिठाइयाँ अपने शुद्ध स्वाद और देसी अंदाज के लिए मशहूर हैं, जिन्हें आज भी पुराने तरीकों से बनाया जाता है. यहां का दानेदार मिल्क केक, सूखे मेवों से भरपूर पौष्टिक पंचमेवा, बड़े आकार का रसीला जलेबा, मुलायम मावा पेड़ा और खस्ता बालूशाही बेहद लोकप्रिय हैं. शुद्ध दूध, मावे और देसी घी से तैयार होने वाले इन पारंपरिक स्वादों की मांग त्योहारों और शादियों के सीजन में काफी बढ़ जाती है और लोग इन्हें बड़े चाव से खाते हैं.
डीग क्षेत्र के मेवात इलाके की पहचान सिर्फ अपनी संस्कृति और परंपराओं से ही नहीं बल्कि यहां मिलने वाली खास मिठाइयों से भी जुड़ी हुई है, और इस क्षेत्र में बनने वाली पारंपरिक मिठाइयाँ अपने शुद्ध स्वाद और देसी अंदाज के लिए दूर-दूर तक मशहूर हैं, तथा खास बात यह है कि यहां की मिठाइयाँ आज भी पुराने तरीकों से तैयार की जाती हैं जिससे उनका असली स्वाद बरकरार रहता है और इसी वजह से मिल्क केक, पंचमेवा, जलेबा, पेड़ा और बालूशाही जैसी मिठाइयाँ मेवात की खास पहचान बन चुकी हैं.
मेवात क्षेत्र का मिल्क केक अपनी खास बनावट और स्वाद के लिए जाना जाता है और शुद्ध दूध और देसी घी से तैयार किया जाने वाला यह मिल्क केक हल्का भूरा और दानेदार होता है जो मुंह में जाते ही घुल जाता है, तथा स्थानीय हलवाई इसे धीमी आंच पर पकाते हैं जिससे इसका स्वाद और भी गहरा हो जाता है और इसी वजह से खास मौकों पर इसकी मांग काफी बढ़ जाती है और लोग इसे उपहार के रूप में भी ले जाना पसंद करते हैं.
पंचमेवा मिठाई भी इस इलाके की एक खास पहचान है जिसमें सूखे मेवों का भरपूर इस्तेमाल किया जाता है, और काजू, बादाम, पिस्ता, गोला और अन्य मेवों के मिश्रण से तैयार यह मिठाई न सिर्फ स्वादिष्ट होती है बल्कि पौष्टिक भी मानी जाती है, तथा मेवात के बाजारों में यह मिठाई खास तौर पर शादियों और त्योहारों के समय ज्यादा देखने को मिलती है और इसका रिच स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
जलेबा जो कि जलेबी का बड़ा रूप होता है वह मेवात क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय है, और इसे बड़े आकार में तैयार किया जाता है तथा देसी घी में तलकर चाशनी में डुबोया जाता है, जिसके बाद बाहर से कुरकुरा और अंदर से रसीला यह जलेबा खाने में बेहद लाजवाब लगता है जिसे सुबह के समय नाश्ते में या खास अवसरों पर लोग बड़े चाव से खाते हैं और इसकी मिठास लंबे समय तक याद रहती है.
पेड़ा भी मेवात की पारंपरिक मिठाइयों में शामिल है जिसे शुद्ध मावा और चीनी से तैयार किया जाता है, और इसका स्वाद सादा लेकिन बेहद आकर्षक होता है तथा यहां के पेड़े की खासियत इसकी मुलायम बनावट और देसी खुशबू है, और इसी वजह से धार्मिक कार्यक्रमों और प्रसाद के रूप में इसका उपयोग काफी अधिक होता है जिससे इसकी मांग हमेशा बनी रहती है.
बालूशाही इस क्षेत्र की एक और प्रसिद्ध मिठाई है जो अपनी कुरकुरी परत और अंदर की मिठास के लिए जानी जाती है, और इसे खास तरीके से तैयार किया जाता है जिससे इसका टेक्सचर अलग और स्वाद अनोखा होता है, तथा मेवात के बाजारों में यह मिठाई हर समय उपलब्ध रहती है और लोग इसे चाय के साथ खाना भी पसंद करते हैं.