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Curry Leaves Benefits: सबसे पहले आपको ताजी मीठी नीम (करी पत्ता) की पत्तियों का चुनाव करना है. इन पत्तियों को सावधानी से उनके डंठल से तोड़कर अलग कर लें. इसके बाद इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि बरसात के मौसम की कोई भी धूल-मिट्टी इन पर न रहे.

सतना. भारतीय रसोइयों में तड़के की खुशबू के बिना खाना अधूरा सा लगता है. जब भी कढ़ी, सांभर या पोहे की बात आती है, तो सबसे पहले मीठी नीम यानी करी पत्ते की याद आती है. गर्म तेल में चटकते हुए करी पत्ते की वह मनमोहक महक किसी की भी भूख को पल भर में बढ़ा सकती है लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि जिस पत्ती का इस्तेमाल हम सिर्फ स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए चुटकी भर करते हैं, उससे एक पूरी की पूरी स्वादिष्ट सब्जी भी बनाई जा सकती है. जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना. आज हम आपको एक ऐसे ही अनोखे और पारंपरिक जायके से रूबरू कराने जा रहे हैं, जो सीधे मध्य प्रदेश के हृदय स्थल यानी बघेलखंड की माटी से निकलकर आया है. यह कोई आम डिश नहीं है बल्कि देसी स्वाद के दीवानों के लिए किसी शानदार तोहफे से कम नहीं है.

भारत में हर क्षेत्र की अपनी एक अलग पाक कला और अनोखी संस्कृति होती है. बघेलखंड का इलाका भी अपने ठेठ और लाजवाब देसी खानपान के लिए पूरे देश में मशहूर है, जहां मीठी नीम की सब्जी एक बहुत ही खास मुकाम रखती है. आमतौर पर लोग इसे सिर्फ गार्निशिंग या छौंक लगाने का जरिया मानते हैं लेकिन इस क्षेत्र के लोग इस खुशबूदार पत्ती के असली मजे को बखूबी जानते हैं. लोकल 18 से बातचीत में स्थानीय निवासी मीना द्विवेदी ने बताया कि यूं तो आप इस डिश को सालभर कभी भी बना सकते हैं लेकिन खासतौर पर बरसात के दिनों में बघेलखंड के लगभग हर घर की रसोई में यह सब्जी जरूर पकती नजर आ जाती है. बारिश के मौसम में जब ताजी-ताजी मीठी नीम खिल उठती है, तब इसकी पत्तियों से बनी यह डिश खाने का मजा ही दोगुना हो जाता है.

बनाने में है बेहद आसान
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई ऐसी रेसिपी की तलाश में रहता है, जो कम समय में बन जाए और स्वाद में भी कोई समझौता न करना पड़े. इस लिहाज से यह लोकल रेसिपी एकदम परफेक्ट है. इसे बनाने की प्रक्रिया बहुत ही सरल है और इसमें किसी भी तरह के महंगे या फैंसी मसालों की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती. सबसे पहले आपको ताजी मीठी नीम की पत्तियों का चुनाव करना है. फिर इन पत्तियों को सावधानी से उनके डंठल से तोड़कर अलग कर लें. इसके बाद इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि बारिश के मौसम की कोई भी धूल-मिट्टी इन पर न रहे. अब धुली हुई इन हरी पत्तियों को चाकू की मदद से बिल्कुल छोटे-छोटे टुकड़ों में बारीक काट लें. यह स्टेप बहुत जरूरी है क्योंकि इसी से सब्जी का टेक्सचर निखर कर आता है.

रसोई के साधारण मसालों से आता है स्वाद
पत्तियों की कटाई के बाद बारी आती है असली जादू यानी इसे पकाने की. एक कड़ाही या पैन लें और उसमें थोड़ा सा तेल गरम करें. तेल के गरम होते ही उसमें लहसुन की कलियां, कटी हुई हरी मिर्च, साबुत मेथी दाना और थोड़ा सा धनिया डालकर फ्राई कर लें. जब इन मसालों से एक भीनी-भीनी और सौंधी खुशबू उठने लगे, तब इसमें बारीक कटी हुई मीठी नीम की पत्तियां डाल दें. अब इसे कलछी से चलाते हुए अच्छी तरह मिला लें ताकि सारा मसाला और तीखापन पत्तियों पर लिपट जाए. इसके बाद गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें और इसे दो से तीन मिनट के लिए ढक्कन से अच्छी तरह ढककर रख दें ताकि भाप में यह नरम हो जाए. लीजिए आपकी डिश तैयार है. आप इस गरमागरम सब्जी को पराठे, ताजी रोटियों या फिर सादे दाल-चावल के साथ मजे से खा सकते हैं.

सेहत के लिए वरदान से कम नहीं
स्वाद और बेहतरीन महक के साथ-साथ यह सब्जी सेहत का भी एक अनमोल खजाना है. मीठी नीम में आयरन, कैल्शियम और कई तरह के विटामिन भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. इसका नियमित सेवन हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और पेट से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाता है. इतना ही नहीं बालों के लिए तो इसे एक प्राकृतिक औषधि माना गया है जो बालों का झड़ना कम करके उनकी असली चमक बरकरार रखती है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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