मिथिलांचल की पारंपरिक विधि से बनी काले तिल की चटनी बेहद स्वादिष्ट और हेल्दी होती है. इसे पराठे, चावल-दाल या चूड़ा-दही के साथ बड़े चाव से खाया जाता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले काले तिल को बिना तेल के सूखा भून लिया जाता है. अगर आप इसे दो से तीन दिनों में खत्म करना चाहते हैं तो भुने तिल को सिलबट्टे या मिक्सी में लहसुन, हरी मिर्च, अदरक, नमक और पानी मिलाकर पीस लें. अंत में आधा चम्मच कच्चा सरसों तेल मिलाने से इसका स्वाद बढ़ जाता है. वहीं अगर आप इस चटनी को 15 से 20 दिनों तक सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो तिल को भूनने के बाद उसमें लहसुन का इस्तेमाल न करें. केवल हरी मिर्च, अदरक, नमक और थोड़ा सरसों तेल डालकर इसे सूखा पीस लें और कांच के जार में रख लें. यह सूखा अचार या चटनी 20 से 30 दिनों तक खराब नहीं होती है. झटपट तैयार होने वाली यह देसी चटनी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है.