राजस्थान सरकार ने प्रदेश के जर्जर और कमजोर आधारभूत ढांचे वाले सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए अगले तीन वर्षों का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। सरकार ने वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक चरणबद्ध तरीके से सरकारी स्कूलों को सुरक्षित, सुविधायुक्त, आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने की योजना बनाई है। इसके तहत करीब 12,500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
रोडमैप के मुताबिक प्रदेश में 3,587 नए विद्यालय भवनों का निर्माण कराया जाएगा, जिस पर करीब 2,487.75 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं 83,783 नए कक्षा-कक्षों के निर्माण पर 8,378.30 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा 22,589 स्कूलों में मेजर रिपेयर के लिए 1,129.45 करोड़ और 13,616 नए शौचालय परिसरों के लिए करीब 340.40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
41 जिलों में कराया गया तकनीकी सर्वे
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के सभी 41 जिलों में जिला कलेक्टरों के माध्यम से सरकारी स्कूल भवनों का तकनीकी सर्वे कराया गया। सर्वे में सामने आई जरूरतों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक के लिए चरणबद्ध योजना तैयार की गई है। सरकार के अनुसार पिछले पांच वर्षों में स्कूलों के आधारभूत ढांचे पर करीब 2,200 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। दीर्घकालीन योजना के साथ तत्काल जरूरतों पर भी काम शुरू किया गया है। वर्तमान में 3,006.34 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृति या निविदा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें 518 नए विद्यालय भवनों के लिए 620 करोड़ रुपए के काम स्वीकृत अथवा टेंडर प्रक्रिया में हैं, जबकि 181 भवनों का निर्माण शुरू हो चुका है।
विधायक निधि का 20 फीसदी शिक्षा पर
सरकार ने विधायक निधि को भी स्कूलों के बुनियादी ढांचे से जोड़ने का फैसला किया है। प्रत्येक विधायक को मिलने वाली 5 करोड़ रुपए की वार्षिक निधि में से 20 प्रतिशत राशि स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं पर खर्च करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 894 नए विद्यालय भवनों के लिए करीब 600 करोड़ रुपए के प्रस्ताव नाबार्ड/वित्त विभाग से ऋण स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। 2,906 नए कक्षा-कक्षों के लिए करीब 300 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत एवं गतिमान हैं। मेजर रिपेयर एवं सुरक्षात्मक कार्यों के लिए 550 करोड़ रुपए और शैक्षणिक, आवासीय एवं विशेष सुविधाओं के लिए 936.34 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल का भवन 1 सितंबर से बनेगा
जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल, जिसे 2025 में जर्जर घोषित किया गया था, के नए भवन का निर्माण 1 सितंबर से शुरू होगा। नए भवन के लिए डीएमएफटी से 12 लाख रुपए और विधायक कोष से 6 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सरकार सरकारी स्कूलों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। दिसंबर 2026 तक करीब 1,087 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके तहत करीब 5 हजार स्मार्ट क्लास रूम, 80 हजार टैबलेट और 7 हजार आईसीटी लैब स्थापित की जाएंगी।
रोडमैप में विज्ञान और विशेष शिक्षा पर भी फोकस
योजना के तहत 614 नए विद्यालय भवनों और 2,750 स्कूलों में मेजर रिपेयर के कार्य होंगे। 2,256 विज्ञान प्रयोगशाला कक्षों के लिए 507.60 करोड़ रुपए और 1,239 विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं पर 40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 5 छात्रावासों, 13 डायट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 79 छात्रावास भवनों पर भी काम होगा। इन कार्यों के लिए 936.34 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश की 5 हजार ग्राम पंचायतों में करीब 750 करोड़ रुपए की लागत से अटल केंद्र भी बनाए जाएंगे।
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