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क्या आपने कभी राजस्थान की पारंपरिक हिलारिया की सब्जी का स्वाद चखा है? यह साधारण मसालों से तैयार होने वाली स्वादिष्ट और सुगंधित डिश हर उम्र के लोगों को पसंद आती है. इसे आसानी से घर पर बनाया जा सकता है और गरमा-गरम रोटी या बाजरे की रोटी के साथ परोसने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
क्या आपने कभी राजस्थान की पारंपरिक और देसी स्वाद से भरपूर हिलारिया की सब्जी का मज़ा लिया है? यह एक खास डिश है, जो अपने सादे लेकिन लाजवाब स्वाद के लिए राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में बेहद लोकप्रिय है. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा तामझाम या महंगे मसालों की जरूरत नहीं होती, फिर भी इसका स्वाद दिल जीत लेने वाला होता है और हर उम्र के लोगों को पसंद आता है.
गृहणी प्रिया सांखला बताती हैं कि राजस्थान अपने अनोखे और पारंपरिक खानपान के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है, जहां कम संसाधनों में भी स्वादिष्ट भोजन तैयार किया जाता है. इसी परंपरा का एक बेहतरीन उदाहरण है हिलारिया की सब्जी, जिसे गांवों में आज भी बड़े चाव से बनाया जाता है. यह सब्जी न सिर्फ स्वाद में उम्दा होती है, बल्कि जल्दी बनने वाली होने के कारण व्यस्त दिनचर्या में भी आसानी से तैयार की जा सकती है.
इस सब्जी को बनाने के लिए जिन सामग्रियों की जरूरत होती है, वे आमतौर पर हर रसोई में आसानी से मिल जाती हैं. गृहणी प्रिया सांखला बताती हैं कि हिलारिया (पहले पानी में भिगोया जाता है), तेल, बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, टमाटर, नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी और धनिया पाउडर जैसी साधारण सामग्रियों से ही एक स्वादिष्ट और सुगंधित सब्जी तैयार हो जाती है.
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उन्होंने बताया कि विधि की शुरुआत हिलारिया को लगभग आधे घंटे तक पानी में भिगोकर नरम करने से होती है, जिससे पकाने में आसानी रहती है और स्वाद भी बेहतर आता है. इसके बाद कढ़ाई में तेल गर्म किया जाता है और उसमें प्याज व हरी मिर्च डालकर हल्का सुनहरा होने तक भुना जाता है. यह प्रक्रिया सब्जी का बेस तैयार करती है, जो आगे के स्वाद को और भी गहरा और लाजवाब बना देती है.
इसके बाद भिगोया हुआ हिलारिया कढ़ाई में डालकर कुछ मिनट तक अच्छे से पकाया जाता है, ताकि वह मसालों के साथ अच्छी तरह मिल जाए और उसका कच्चापन खत्म हो जाए. फिर इसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी और धनिया पाउडर डालकर मिश्रण को अच्छी तरह चलाया जाता है. जब मसाले अच्छी तरह पकने लगते हैं, तब इसमें टमाटर डालकर उसे नरम होने तक पकाया जाता है.
इसके बाद, जब टमाटर पूरी तरह गलकर मसाले में मिल जाए और सब्जी में गाढ़ापन आ जाए, तब गैस बंद कर दी जाती है. फिर तैयार हिलारिया की सब्जी को गरमा-गरम रोटी या खासतौर पर बाजरे की रोटी के साथ परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. इसकी सादगी, देसी खुशबू और हल्का मसालेदार स्वाद इसे हर किसी के लिए एक यादगार और पसंदीदा व्यंजन बना देता है.