Dal Vs Rasam: भारतीय खाने में दाल और रसम दोनों का ही खास महत्व है. जहां दाल ताकत का एक ज़रूरी ज़रिया है और उत्तर भारतीय खाने का अहम हिस्सा है, वहीं रसम अपने स्वाद और पाचन में फ़ायदेमंद होने के कारण दक्षिण भारत में बहुत पसंद की जाती है. हालांकि, लोग अक्सर सोचते हैं कि इन दोनों में से सेहत के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद कौन सी है. इसका जवाब आपकी खास पोषण संबंधी जरूरतों पर निर्भर करता है. आइए जानते हैं इन दोनों के बीच का अंतर…

दाल क्या है?
दाल कई तरह की फलियों (लेग्यूम्स) से बनती है, जैसे मूंग, मसूर, अरहर, उड़द और चना दाल. इसे प्रोटीन, फाइबर, आयरन, फोलेट और कई ज़रूरी विटामिन और मिनरल का अच्छा स्रोत माना जाता है. दाल खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और यह संतुलित आहार का एक अहम हिस्सा है.

रसम क्या है?
रसम दक्षिण भारत का एक पारंपरिक व्यंजन है जिसे इमली, टमाटर, काली मिर्च, जीरा, लहसुन, करी पत्ता और रसम पाउडर जैसे मसालों का इस्तेमाल करके बनाया जाता है. हालांकि रसम के कुछ प्रकारों में थोड़ी मात्रा में दाल होती है, लेकिन यह दाल की तुलना में काफी पतली होती है. इसे अक्सर चावल के साथ परोसा जाता है या सूप की तरह पिया जाता है.

दाल और रसम में क्या अंतर है?
दाल गाढ़ी होती है और इसमें प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है. दूसरी ओर, रसम हल्की होती है, और इसमें इस्तेमाल किए जाने वाले मसाले भोजन के स्वाद को बढ़ाने के साथ-साथ पाचन में भी मदद कर सकते हैं.

कौन है ज्यादा हेल्दी?
अगर आपका मकसद प्रोटीन और पोषण पाना है, तो दाल बेहतर विकल्प है. वहीं, अगर आप रंग-बिरंगा खाना चाहते हैं या खाने के साथ कोई स्वादिष्ट, गर्म लिक्विड पसंद करते हैं, तो रसम एक अच्छा विकल्प हो सकता है. दोनों के अपने-अपने फायदे हैं और इन्हें अलग-अलग तरह के खान-पान में शामिल किया जा सकता है.

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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.



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