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बेला फूल सिर्फ अपनी खुशबू के लिए ही मशहूर नहीं है, इससे तैयार होने वाली चाय भी काफी खास होती है. हल्की सुगंध और स्वाद वाली बेला फूल की चाय को लोग ताजगी और सुकून के लिए पीते हैं. जानिए इसे बनाने का आसान तरीका और इसके संभावित फायदे.
बेला चाय के फायदे.
अगर आप रोजाना दूध वाली चाय या ग्रीन टी पीकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार कुछ अलग ट्राई कर सकते हैं. बेला फूल की चाय एक खुशबूदार फ्लोरल ड्रिंक है, जिसे ताजे या सूखे, खाने योग्य बेला फूलों से तैयार किया जा सकता है. बेला यानी चमेली परिवार का सुगंधित फूल अपनी मनमोहक खुशबू के लिए जाना जाता है. इसकी चाय स्वाद में हल्की और सुगंध में बेहद खास होती है.
बेला फूल की चाय बनाने का तरीका
बेला फूल की चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक कप पानी गर्म करें. पानी में उबाल आने के बाद गैस बंद कर दें. अब इसमें करीब 4-5 खाने योग्य और बिना कीटनाशक वाले बेला फूल डालें. कप को ढककर करीब 5-7 मिनट के लिए छोड़ दें, ताकि फूलों की खुशबू और स्वाद पानी में अच्छी तरह उतर जाए.
इसके बाद चाय को छान लें. स्वाद के अनुसार इसमें थोड़ा शहद या मिश्री मिला सकते हैं. अगर आप चाहें तो इसमें कुछ बूंद नींबू का रस भी डाल सकते हैं. इस चाय में चायपत्ती डालना जरूरी नहीं है. बिना चायपत्ती के तैयार करने पर यह कैफीन-फ्री फ्लोरल ड्रिंक हो सकती है.
बेला फूल की चाय पीने के फायदे
ये चाय तनाव और थकान में सुकून दे सकती है. बेला फूल की सबसे खास पहचान इसकी खुशबू है. इसकी सुगंध आपको रिलैक्स महसूस कराने में मदद कर सकती है. दिनभर की थकान के बाद गर्म बेला फूल की चाय पीना एक सुखद अनुभव हो सकता है.
एंटीऑक्सीडेंट गुण
चमेली परिवार के फूलों में कई प्राकृतिक पौधीय यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि देखी गई है. हालांकि, बेला फूल की चाय के स्वास्थ्य लाभों पर अभी सीमित मानव शोध उपलब्ध है.
पाचन के लिए हल्का पेय
अगर इसे बिना दूध और बहुत कम चीनी के तैयार किया जाए, तो बेला फूल की चाय एक हल्का पेय हो सकती है. भोजन के बाद इसे थोड़ी मात्रा में लिया जा सकता है, हालांकि इसे पाचन संबंधी समस्या का इलाज नहीं माना जाना चाहिए.
कैफीन से बचने वालों के लिए विकल्प
बिना चायपत्ती के बनाई गई बेला फूल की चाय में चाय या कॉफी जैसा कैफीन नहीं होता. इसलिए जो लोग शाम के समय कैफीन कम करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक विकल्प हो सकती है.
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विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह News18 हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…
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