Last Updated:
Best Food in Dehradun: क्या आप पहाड़ों की हसीन वादियों में घूमते हुए शुद्ध पंजाबी खाने, मक्खन से लथपथ तंदूरी परांठों और गाढ़ी लस्सी का असली स्वाद ढूंढ रहे हैं? देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून अब सिर्फ अपनी खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि अपने लाजवाब ढाबा फूड के लिए भी फूड लवर्स की पहली पसंद बनता जा रहा है. यहां की तंग गलियों से लेकर हाईवे तक, ऐसे कई मशहूर ढाबे हैं जहां की स्पेशल ‘धर्मेंद्र थाली’ से लेकर ‘मुरथल के परांठों’ तक का स्वाद आपको सीधे पंजाब के पिंड की याद दिला देगा. आइए जानते हैं देहरादून के उन चुनिंदा और बेहतरीन ढाबों के बारे में, जहां का ज़ायका चखे बिना आपका देहरादून का सफर अधूरा है.
देहरादून में अगर आप मिस्री रोटी, साग, खीर और लस्सी का स्वाद लेना चाहते हैं तो आपके लिए ‘तुहाड़ा ढाबा’ बेस्ट ढाबा है. दुकान के मालिक त्रिलोक सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके छोटे भाई कुलविंदर सिंह ने 15 साल पहले ‘तुहाड़ा ढाबा’ की शुरुआत देहरादून मंडी में की थी. वहां पर उनका खाना काफी ज्यादा पसंद किया जाने लगा. इसके बाद उन्होंने करणपुर में ‘नानक दरबार ढाबा’ के नाम से ढाबा शुरू किया. उन्होंने बताया कि उनके ढाबे पर 20 तरह की थालियां परोसी जाती हैं. इनमें से 4 तरह की स्टूडेंट्स स्पेशल थालियां हैं. इनकी कीमत 35 रुपये से शुरू होती है और 70 रुपये पर खत्म होती है. त्रिलोक सिंह बताते हैं कि थाली का अधिकतम रेट 135 रुपये है. उन्होंने कहा कि उनके पास पंजाबी खाने की कई वैरायटी उपलब्ध हैं, जैसे राजमा, छोले, कढ़ी, नान, मिस्री रोटी, साग, खीर और लस्सी, जबकि थाली की कीमत उसमें मौजूद आइटम्स पर निर्भर करती है.
देहरादून के ‘मुखिया ढाबा’ पर ‘दाल मखनी’ और कड़ाही पनीर के साथ तंदूरी लच्छा परांठे का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन मिलता है. अगर आप पहाड़ों की रानी मसूरी की वादियों की ओर रुख कर रहे हैं या देहरादून की हसीन सड़कों पर घूम रहे हैं, तो यहां का ‘मुखिया ढाबा’ आपके खान-पान के सफर को यादगार बनाने के लिए एक बेस्ट प्लेस है. यहां पकवानों की बात ही कुछ जुदा है. इस ढाबे में दाल मखनी को धीमी आंच पर घंटों पकाया जाता है, जिससे इसका गाढ़ापन और मखमली स्वाद सीधे दिल में उतर जाता है. इसके साथ ही मसालों के सटीक संतुलन और ताज़ा पनीर से तैयार कड़ाही पनीर लोगों की भूख को दोगुना कर देगा. लज़ीज़ ग्रेवी वाली सब्ज़ियों का असली मज़ा तब आता है जब इन्हें गरमा-गरम, खस्ता और परतों वाले तंदूरी लच्छा परांठे के साथ परोसा जाता है. मक्खन से लथपथ यह परांठा हर निवाले के स्वाद को बढ़ा देता है. ‘मुखिया ढाबा’ का माहौल, सर्विस और पॉकेट फ्रेंडली बजट इसे और भी खास बनाता है, तो अगली बार जब आप देहरादून में हों, तो ‘मुखिया ढाबा’ पर रुकना न भूलें क्योंकि यहां सिर्फ खाना नहीं बल्कि स्वाद का एक अनोखा अनुभव मिलता है.
देहरादून के कचहरी रोड पर साल 1966 से पंजाब का ऑथेंटिक टेस्ट परोस रहा है, हम बात कर रहे हैं ‘उस दा ढाबा’ की. यहां वैसे तो मिस्सी रोटी, बटर नान, छोले, राजमा-चावल जैसी कई वैरायटी की थाली मिल जाती है, लेकिन इनके यहां की फेमस है ‘धर्मेंद्र थाली’. बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता के नाम पर इस थाली का नाम रखा गया, क्योंकि वह भी पंजाब से थे और यह थाली उन्हीं को डेडीकेटेड है. इसमें कढ़ी, पालक कोफ्ता, राजमा, छोले, मशरूम करी और दाल मखनी जैसी 6 तरह की सब्जियां होती हैं और पनीर नान, आलू नान, मिस्सी रोटी तथा लच्छा परांठा जैसी टेस्टी चीजें शामिल होती हैं. यह थाली बहुत बड़ी होती है. देहरादून का इकलौता यही ढाबा ऐसा है जहां सरसों का साग और मक्की की रोटी परोसी जाती है. ‘उस दा ढाबा’ के मालिक कवलजीत सिंह बताते हैं कि उनके पिता इंदर सिंह साल 1966 में राजमा-चावल का कार्ट (रेहड़ी) लगाते थे और उनके स्वाद को काफी पसंद किया जाता था. इसके बाद उन्होंने साल 1999 में यहां इस ढाबे की शुरुआत की, जिसका नाम ‘उस दा ढाबा’ रखा. इसमें उन्होंने सभी पंजाबी पकवानों को परोसना शुरू किया. यहां का गाढ़ा रायता, पनीर टिक्का और बटर नान का स्वाद काफी पसंद किया जाता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
तंदूरी परांठे का स्वाद लेना चाहते हैं तो आप ‘मुरथल ढाबा’ आ सकते हैं, जहां आप सफेद मक्खन के साथ तंदूरी परांठे खा सकते हैं. अगर आप दिल्ली-एनसीआर के मशहूर ‘मुरथल ढाबे’ के परांठों और वहां के खास स्वाद के दीवाने हैं, तो अब देहरादून के डोईवाला माजरी ग्रांट में मुरथल के उसी पारंपरिक स्वाद का लुत्फ आप उठा सकते हैं. देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए अब मुरथल ढाबे का स्पेशल ज़ायका यहीं उपलब्ध होने जा रहा है.
देहरादून के इस आउटलेट पर आने वाले लोगों को सबसे खास सौगात मिलेगी यहाँ के मशहूर तंदूरी परांठे. कोयले के तंदूर में सिके हुए एकदम खस्ता आलू, प्याज, पनीर और मिक्स वेज परांठों के ऊपर जब घर का बना शुद्ध सफेद मक्खन पिघलता है, तो उसका स्वाद लाजवाब हो जाता है. इसके अलावा, खाने के शौकीनों के लिए यहाँ कई स्पेशल डिशेज भी परोसी जाती हैं. यहां आप मटका कुल्फी और रबड़ी का स्वाद भी ले सकते हैं. परांठों के तीखे-चटपटे स्वाद के बाद मुँह मीठा करने के लिए खास गाढ़ी मटका कुल्फी इनकी स्पेशिलिटी है. पहाड़ों की खूबसूरत वादियों और ठंडी हवाओं के बीच, सफेद मक्खन से लथपथ तंदूरी परांठे और कुल्हड़ की गरम चाय का यह कॉम्बिनेशन देहरादून आने वाले हर मुसाफिर के सफर को दोगुना मजेदार बना देगा क्योंकि मौसम भी खुशनुमा है.
आमतौर पर कुल्चे को छोलों के साथ परोसा जाता है, लेकिन इस ढाबे पर बारिश के दिनों में गरमा-गरम, मक्खन से लथपथ क्रिस्पी कुल्चे के साथ गाढ़ी, मखमली पनीर ग्रेवी का तालमेल एक बिल्कुल अनूठा और लाजवाब फील देता है. कुल्चे का हर निवाला जब तीखी-चटपटी पनीर ग्रेवी में डूबता है तो मुंह में स्वाद का विस्फोट हो जाता है. यहां वैसे कई पंजाबी फूड मिल जाते हैं लेकिन ‘अमृतसरी कुल्चा’ बहुत खास है. आलू-मसाले की स्टफिंग करके तैयार यह कुल्चा जब मक्खन के साथ गरमा-गरम परोसा जाता है तो सबका दिल जीत लेता है. यह ढाबा देहरादून के छिद्रवाला में स्थित है.