नई दिल्ली: NEET परीक्षा पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में हुए प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि न तो पुलिस की ज्यादती को बर्दाश्त किया जाएगा और न ही प्रोटेस्ट में शामिल आपराधिक तत्वों को। उन्होंने कहा कि यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि ज्यादती करने वाले पुलिस अधिकारी को बख्शा जाएगा। साथ ही प्रदर्शनकारियों के बीच शामिल आपराधिक तत्वों को भी राहत नहीं दी जाएगी।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को बताया कि सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहती और इस दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के बीच शामिल ऐसे तत्वों को राहत नहीं दी जा सकती, जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं। उन्होंने कहा,”हमने याचिकाकर्ताओं से भी बात की है। हम छात्रों पर कार्रवाई नहीं चाहते। इसके लिए ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे। लेकिन छात्रों के बीच जो अपराधी तत्व घुस आए थे, उन्हें राहत नहीं दी जा सकती।’