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Pali Famous Makhania Lassi: पाली के सूरजपोल क्षेत्र में स्थित गुरु नानक माखनिया लस्सी की दुकान पिछले 50 वर्षों से लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. स्थानीय लोग इसे सरदार जी की दुकान के नाम से जानते हैं. यहां मिलने वाली गाढ़ी, मलाईदार और पारंपरिक माखनिया लस्सी का स्वाद लोगों को सीधे पंजाब की याद दिला देता है. बड़े पीतल के गिलासों में परोसी जाने वाली लस्सी के ऊपर ताजा मक्खन और मलाई की परत इसे खास बनाती है. गर्मियों में यह न केवल ठंडक पहुंचाती है, बल्कि शरीर को ऊर्जा देने और पाचन तंत्र को बेहतर रखने में भी मदद करती है. यही वजह है कि स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक भी यहां पहुंचते हैं.
पाली की भीषण गर्मी में अगर ठंडक और स्वाद का अनोखा संगम तलाश रहे हैं तो सूरजपोल स्थित प्रसिद्ध गुरु नानक माखनिया लस्सी आपकी मंजिल हो सकती है. करीब 50 वर्षों से यह दुकान शहरवासियों और पर्यटकों की पहली पसंद बनी हुई है. स्थानीय लोग इसे प्यार से सरदार जी की दुकान के नाम से जानते हैं. यहां मिलने वाली गाढ़ी, मलाईदार और पारंपरिक माखनिया लस्सी का स्वाद लोगों को पंजाब की याद दिला देता है. सूरजपोल के व्यस्त बाजार में स्थित यह दुकान साधारण जरूर दिखती है, लेकिन इसके स्वाद की चर्चा पूरे पाली में होती है. गर्मी से राहत पाने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग यहां लस्सी का आनंद लेने पहुंचते हैं.
इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मारवाड़ के बीच बैठकर भी असली पंजाबी लस्सी का स्वाद लिया जा सकता है. शुद्धता, गाढ़ेपन और पारंपरिक तरीके से तैयार की जाने वाली माखनिया लस्सी की तुलना सीधे पंजाब के गांवों में बनने वाली लस्सी से की जाती है. बड़े पीतल के गिलासों में परोसी जाने वाली ठंडी लस्सी के ऊपर ताजा मक्खन और मलाई की परत इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देती है. यही वजह है कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी यहां पहुंचते हैं. पाली की यह दुकान वर्षों से पंजाब के पारंपरिक स्वाद को जीवित रखे हुए हैं.
वक्त बदल गया, पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन सरदार जी की इस माखनिया लस्सी का पारंपरिक स्वाद आज भी बरकरार है. पिछले 50 से अधिक वर्षों से यह दुकान पाली की पहचान और शान बनी हुई है. स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि बचपन में जिस स्वाद की लस्सी उन्होंने यहां पी थी, वही प्रामाणिक स्वाद आज उनकी नई पीढ़ियां भी चख रही हैं. दुकान ने समय के साथ लोकप्रियता तो हासिल की, लेकिन स्वाद और गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया. यही वजह है कि यह लस्सी आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है और दूर-दूर से लोग इसका स्वाद लेने पहुंचते हैं..
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यह स्पेशल माखनिया लस्सी केवल स्वाद का ही नहीं, बल्कि सेहत का भी खजाना मानी जाती है. भीषण गर्मी के दिनों में यह शरीर को ठंडक पहुंचाने और लू के प्रभाव से बचाने में मदद करती है. लस्सी शरीर के तापमान को संतुलित रखने के साथ तुरंत ताजगी का एहसास कराती है. इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं और पेट को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं. इसके अलावा यह शरीर को ऊर्जा प्रदान कर थकान दूर करने में भी मददगार है. यही कारण है कि गर्मियों में माखनिया लस्सी को सेहत और स्वाद का बेहतरीन संगम माना जाता है.
राजस्थान की भीषण गर्मी और ऊपर से मारवाड़ का तपता हुआ सूरज. ऐसे में अगर कोई आपसे कहे कि सिर्फ 50 रुपये में आपको कड़कड़ाती ठंडक का एहसास मिल सकता है, तो क्या आप यकीन करेंगे? जी हां, आज हम आपको पाली की एक ऐसी ऐतिहासिक स्वाद यात्रा के बारे में बता रहे हैं, जिसके बिना पाली का हर सफर अधूरा माना जाता है. अगर आप पाली आए हैं या यहां से गुजर रहे हैं, तो यहां की स्पेशल माखनिया लस्सी का स्वाद चखना बिल्कुल न भूलें. गाढ़े दही, इलायची की खुशबू और मलाई की मोटी परत से सजी यह माखनिया लस्सी सिर्फ प्यास ही नहीं बुझाती, बल्कि मन को भी तृप्त कर देती है.