एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सरकार ने एक गंभीर साइबर फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है. Ministry of Home Affairs (MHA) के तहत काम करने वाली National Cybercrime Threat Analytics Unit (NCTAU) ने ऐसे खतरनाक ऐप्स को लेकर अलर्ट किया है, जिन्हें पोर्नोग्राफी ऐप के नाम पर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों के जरिए प्रमोट किया जा रहा है.

सरकार के मुताबिक, इन ऐप्स को डाउनलोड करने के बाद यूजर के फोन से बैंकिंग और दूसरी संवेदनशील जानकारी चोरी होने का खतरा हो सकता है.

फेसबुक-इंस्टाग्राम विज्ञापनों से हो रही शुरुआत

NCTAU ने 26 अगस्त को जारी अपनी एडवाइजरी TAU/ADV/018 में कई संदिग्ध ऐप्स की पहचान की है. इनमें Night Play, Reloop, Kyss, Vimo, Rivo, Nexo और Vixa जैसे नाम शामिल हैं.

इन ऐप्स के विज्ञापन मेटा के फेसबुर और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर दिखाई दे सकते हैं. विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद यूजर्स को आमतौर पर ऐसी वेबसाइट पर भेजा जाता है, जहां से APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है. ये वेबसाइट अक्सर ‘.live’ डोमेन का इस्तेमाल करती हैं.

सबसे बड़ा खतरा यह है कि ये APK Google Play Store के बाहर से डाउनलोड होती हैं.

फोन का कंट्रोल हासिल कर सकता है Malware

ऐप इंस्टॉल होने के बाद ये खुद को अपडेट बताकर एक और पैकेज डाउनलोड कर सकता है. इसके बाद ये फोन की एक्सेसिबिलिटी परमिशन मांग सकता है.

अगर यूजर ये परमिशन दे देता है, तो साइबर अपराधियों को फोन की स्क्रीन देखने, स्क्रीन पर टैप करने और दूसरे काम करने की क्षमता मिल सकती है.

इसका इस्तेमाल OTP, PIN और दूसरी संवेदनशील जानकारी हासिल करने के साथ-साथ बिना अनुमति के वित्तीय लेनदेन करने के लिए किया जा सकता है.

कुछ वर्जन फोन में VPN भी इंस्टॉल कर सकते हैं. इससे यूजर का इंटरनेट कनेक्शन हमलावरों के कंट्रोल वाले सर्वर से होकर गुजर सकता है. कुछ मामलों में यह मैलवेयर खुद को आसानी से अनइंस्टॉल करने से भी रोक सकता है.

खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

सरकार ने सलाह दी है कि ऐप्स को Google Play Store या भरोसेमंद ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें. Facebook, Instagram, SMS या अनजान वेबसाइट से मिले APK लिंक पर क्लिक करके ऐप इंस्टॉल न करें.

किसी अनजान ऐप को Accessibility Permission देने से भी बचें. फोन में Google Play Protect हमेशा ऑन रखें और एंड्रॉयड और दूसरे सॉफ्टवेयर को समय पर अपडेट करते रहें.

साथ ही अपने बैंक अकाउंट और UPI ट्रांजैक्शन पर नजर रखें. अगर फोन में कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो गया है और सामान्य तरीके से डिलीट नहीं हो रहा, तो फोन को Safe Mode में रीस्टार्ट करके Settings > Apps में जाकर उसे अनइंस्टॉल किया जा सकता है. अगर मैलवेयर दोबारा दिखाई देता है, तो Factory Reset को आखिरी ऑप्शन के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.



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