Chana Dal Cooking Tips: दाल भारतीय रसोई का ऐसा हिस्सा है जो लगभग हर घर में रोज बनती है, लेकिन जब बात चने की दाल की आती है, तो कई लोगों की एक ही शिकायत होती है-कितनी भी देर प्रेशर कुकर में पकाएं, दाल पूरी तरह नहीं गलती. बाहर से नरम दिखने वाली दाल अंदर से सख्त रह जाती है, जिससे स्वाद भी प्रभावित होता है और खाने का मजा भी कम हो जाता है. कई बार लोग इसे गैस या कुकर की समस्या समझ लेते हैं, जबकि असली वजह कुछ छोटी-छोटी किचन गलतियां होती हैं.
पुरानी दाल, पानी की कम मात्रा या शुरुआत में ही नमक और टमाटर डाल देना, ये सभी कारण दाल के देर से गलने की वजह बन सकते हैं. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान टिप्स अपनाकर इस परेशानी से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं कि चने की दाल जल्दी और अच्छी तरह गलाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
चने की दाल सख्त क्यों रह जाती है?
अगर चने की दाल बार-बार सख्त रह जाती है, तो इसके पीछे सबसे बड़ा कारण दाल की गुणवत्ता हो सकती है. लंबे समय तक स्टोर की गई दाल अपनी प्राकृतिक नमी खो देती है. ऐसे में उसे पकने में ज्यादा समय लगता है. कई बार लोग बिना भिगोए सीधे दाल को कुकर में चढ़ा देते हैं, जिससे भी दाल आसानी से नहीं गलती. इसके अलावा पानी की मात्रा कम रखना भी एक आम गलती है, अगर पकने के दौरान पानी जल्दी खत्म हो जाए, तो दाल ठीक से नहीं पक पाती और दाने सख्त रह जाते हैं.
दाल को भिगोना क्यों है जरूरी?
भिगोने से कम होता है पकाने का समय
चने की दाल को कम से कम 1 से 2 घंटे पहले साफ पानी में भिगो देना चाहिए. ऐसा करने से दाल पानी सोख लेती है और उसके दाने मुलायम होने लगते हैं. इससे कुकर में पकाने का समय भी कम हो जाता है, अगर अचानक दाल बनाने का मन हो और समय कम हो, तो गुनगुने पानी में 10 से 15 मिनट के लिए दाल भिगो सकते हैं. यह तरीका भी काफी हद तक असरदार माना जाता है.
प्रेशर कुकर में ऐसे पकाएं दाल
दाल पकाते समय हमेशा पर्याप्त पानी डालें. आमतौर पर एक कप चने की दाल के लिए तीन से चार कप पानी पर्याप्त माना जाता है, अगर 4 से 5 सीटी आने के बाद भी दाल पूरी तरह नहीं गली हो, तो तुरंत कुकर खोलने की बजाय धीमी आंच पर कुछ मिनट और पकने दें. इससे अंदर बनी भाप दाल को अच्छी तरह नरम कर देती है.
क्या बेकिंग सोडा डालना सही है?
कम मात्रा में करें इस्तेमाल अगर दाल बहुत पुरानी हो और जल्दी गल नहीं रही हो, तो उसमें एक चुटकी बेकिंग सोडा डाला जा सकता है. इससे दाल का छिलका जल्दी नरम हो जाता है और पकने में आसानी होती है. हालांकि इसकी मात्रा बहुत कम होनी चाहिए. ज्यादा बेकिंग सोडा डालने से दाल का स्वाद और बनावट दोनों बदल सकते हैं.
नमक और टमाटर कब डालें?
यह गलती सबसे ज्यादा लोग करते हैं. कई लोग शुरुआत में ही नमक, टमाटर या इमली जैसी खट्टी चीजें डाल देते हैं. इससे दाल के दाने जल्दी नरम नहीं होते और पकने में ज्यादा समय लगता है. बेहतर होगा कि दाल पूरी तरह गल जाने के बाद ही नमक और टमाटर डालें. इससे दाल का स्वाद भी अच्छा रहेगा और बनावट भी बेहतर होगी.
अच्छी क्वालिटी की दाल चुनना भी है जरूरी
बाजार से दाल खरीदते समय उसकी ताजगी पर ध्यान दें. नई और अच्छी क्वालिटी की दाल कम समय में पकती है और उसका स्वाद भी बेहतर होता है, अगर दाल काफी समय से घर में रखी हुई है, तो उसे थोड़ी देर ज्यादा भिगोकर पकाएं.
रोजमर्रा की छोटी आदतें करें बड़ा फर्क
कई अनुभवी गृहिणियां हमेशा दाल बनाने से पहले उसे धोकर भिगोती हैं और पकने के बाद ही मसाले मिलाती हैं. यही छोटी-छोटी आदतें दाल के स्वाद और बनावट को बेहतर बनाती हैं, अगर आप भी इन आसान तरीकों को अपनाएंगे, तो चने की दाल हर बार मुलायम, स्वादिष्ट और जल्दी तैयार होगी. चने की दाल का सही तरीके से पकना किसी एक ट्रिक पर नहीं, बल्कि सही तैयारी और सही समय पर सही चीजें डालने पर निर्भर करता है, अगर दाल को पहले भिगोया जाए, पर्याप्त पानी रखा जाए और खट्टी चीजें बाद में मिलाई जाएं, तो हर बार दाल अच्छी तरह गलकर तैयार होगी.