Last Updated:

बहराइच के रत्नापुर क्षेत्र में स्थित बिहारी बाबू की मशहूर बाटी-चोखा की दुकान आज पूरे जिले में अपनी खास पहचान बना चुकी है. बिहार से आए बिहारी बाबू ने पारंपरिक तकनीक और देसी स्वाद को अपनाकर यहां ऐसी बाटी-चोखा तैयार की है, जिसकी खुशबू और जायका लोगों को दूर-दूर से खींच लाता है. कोयले की धीमी आंच पर बनी बाटी और खेत से लाए गए ताजे मसालों से तैयार चोखा, इसे और भी खास बनाते हैं. मात्र ₹40 में मिलने वाला यह देसी स्वाद देसी घी की भरपूर परत के साथ परोसा जाता है, जिसके लिए ग्राहकों को अक्सर लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है.

बहराइच. वैसे तो बहराइच में बहुत सारी बाटी चोखा की दुकानें हैं लेकिन आज हम जिस बाटी चोखे के बारे में बताने जा रहे हैं यह दुकान बहराइच की सबसे पुरानी दुकान है जिसकी शुरुआत बिहार से आए हुए एक शख्स ने एक अरसा पहले की थी. वैसे तो आज बहराइच में बहुत सारी बाटी चोखे की दुकानें हैं लेकिन जिले में आज भी बिहारी बाबू रमाशंकर की बाटी चोखा पूरे जिले में फेमस है. दरअसल, बिहारी बाबू बाटी चोखा को बनाने के लिए पूरी बिहार वाली टेक्निक अपनाते हैं जिनको बनाने के लिए सबसे पहले चने को लोहे की कढ़ाई में भूनकर मिक्सर या पत्थर की चकिया में पीस लिया जाता है. फिर इसमें बिहारी बाबू मिर्चे का अचार,लहसुन, प्याज,नमक आदि सामग्री मिला कर बाटी में भर कर बाटी कोयले की धीमी आंच पर तैयार करते है, शायद यही वजह है जो हर किसी को बिहारी बाबू की बाटी चोखा पसन्द आता है.

चोखा भी कुछ खास तरीके से होता है तैयार
बिहारी बाबू ने बताया की चोखा बनाने के लिए यह जो भी सामग्री उसमें लगती है उसको मंडी या बाजार से नहीं बल्कि आसपास किसान के खेत से ही खरीद लाते हैं. फिर बैंगन, लहसुन, टमाटर, अदरक, भरवा मिर्च का अचार, आदि सामग्री को कोयले की आंच पर भून लेते हैं. भूनने के बाद ऊपर का छिलका निकाल लकड़ी की मथानिया से मिलाकर उबले हुए आलू मिक्स और कुछ सीक्रेट मसाले फिर चोखा बनकर तैयार हो जाता है, जो चोखा खाने में बड़ा ही स्वादिष्ट लगता है.

बहराइच में यहां मौजूद है यह दुकान

बिहारी बाबू की दुकान बहराइच शहर से दूर श्रावस्ती बहराइच के बॉर्डर पर रत्नापुर के पास पड़ती है जो बिहारी बाबू इंटरनेशनल बाटी चोखा के नाम से फेमस भी है. जहां पर आपको हर वक्त गरमा गरम बाटी चोखा मात्र ₹40 में दो बाटी चोखा,अचार, चटनी सलाद के साथ दिया जाdता है. बाटी को देसी घी में डूबा कर दिया  जाता है. यहा हर वक्त खाने वालों की लाइन लगी रहती है. जिसको खाने के लिए आपको कभी-कभी 15 से 20 मिनट का इंतजार भी करना पड़ सकता है. जहां पर खास भीड़ रविवार को होती है कई बार तो रविवार को बिना खाए बहुत सारे ग्राहकों को लौटना पड़ता है.

About the Author

Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



Source link

Write A Comment