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Karil Sabji Recipe: करिल की सब्जी सिर्फ स्वाद के लिए ही खास नहीं मानी जाती बल्कि इसमें फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. यही वजह है कि पारंपरिक खानपान में बांस की कोपल से बनने वाली इस सब्जी का अपना खास महत्व है.

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खानपान की अपनी एक अलग पहचान है और यहां मौसम के हिसाब से खानपान भी बदलता रहता है. बरसात के दिनों में जब चारों ओर हरियाली छा जाती है, तब छत्तीसगढ़ के गांवों और घरों की रसोई में पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू भी बढ़ जाती है. इन्हीं खास व्यंजनों में शामिल है करिल की सब्जी, जिसे बांस की कोपल से तैयार किया जाता है. बारिश के मौसम में मिलने वाली ताजी बांस की कोपल से बनने वाली यह सब्जी स्वाद के साथ-साथ पारंपरिक छत्तीसगढ़ी खानपान की झलक भी दिखाती है.

बिलासपुर जिले की रहने वालीं अन्नू ने लोकल 18 को बताया कि करिल को खास तरीके से तैयार करने पर इसकी कड़वाहट दूर हो जाती है और सरसों के तेल, लहसुन, हरी मिर्च और अचार मसाले का तड़का इसके स्वाद को बेहद खास बना देता है. गरमागरम चावल के साथ परोसी जाने वाली यह सब्जी बारिश के मौसम में छत्तीसगढ़ी थाली का स्वाद और भी बढ़ा देती है.

पारंपरिक खानपान का अहम हिस्सा
करिल यानी बांस की कोपल छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खानपान का अहम हिस्सा है. खासकर गांवों में बरसात के मौसम में इसे बड़े चाव से बनाया जाता है. बांस की कोपल को सब्जी के रूप में तैयार करने से पहले अच्छी तरह साफ किया जाता है और इसकी प्राकृतिक कड़वाहट दूर करने के लिए उबाला जाता है. इसके बाद इसे निचोड़कर मसालों के साथ पकाया जाता है.

ऐसे तैयार होती है स्वादिष्ट करिल सब्जी
अन्नू के मुताबिक, करिल सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले बांस की कोपल को छीलकर बारीक काट लिया जाता है. इसके बाद इसे पानी में अच्छी तरह उबालकर निचोड़ लिया जाता है ताकि इसकी कड़वाहट कम हो जाए. फिर कड़ाही में सरसों का तेल गर्म कर उसमें लहसुन और हरी मिर्च का तड़का लगाया जाता है. इसके बाद प्याज और टमाटर डालकर हल्दी, धनिया और लाल मिर्च जैसे मसालों को अच्छी तरह भुना जाता है.

अचार मसाला बढ़ाता है स्वाद
मसाले भुनने के बाद इसमें उबला हुआ करिल डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है. स्वादानुसार नमक डालने के बाद इसमें खास जायका बढ़ाने के लिए अचार मसाला मिलाया जाता है. सब्जी को कुछ देर धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे मसालों का स्वाद करिल में अच्छी तरह मिल जाता है. ऊपर से हरा धनिया डालने के बाद स्वादिष्ट करिल सब्जी तैयार हो जाती है.

स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना
करिल की सब्जी सिर्फ स्वाद के लिए ही खास नहीं मानी जाती बल्कि इसमें फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. यही वजह है कि पारंपरिक खानपान में बांस की कोपल से बनने वाली इस सब्जी का अपना खास महत्व है.

गरमागरम चावल के साथ बढ़ जाता है स्वाद
अन्नू ने आगे कहा कि करिल की सब्जी का असली स्वाद गरमागरम चावल के साथ आता है. सरसों के तेल का तड़का, लहसुन की खुशबू और अचार मसाले का जायका इसे छत्तीसगढ़ी थाली का खास व्यंजन बना देता है. बारिश के मौसम में बनने वाली यह पारंपरिक सब्जी आज भी लोगों को अपनी मिट्टी और संस्कृति से जोड़ती है.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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