Delhi Food Outlets: दिल्ली देश की राजधानी है और यहां पर विभिन्न प्रांतों के लोगों की बहुतायत है और उनका खान-पान भी अब खूब चलन में है. इसी चलन को देखते हुए अगर नाश्ते की बात करें तो कई तरह के नाश्ते मौजूद हैं. कहीं पर छोले-भठूरे मिल रहे हैं तो किसी ठिए पर आपको पोहा और जलेबी भी मिल जाएगी. कहीं और घूमेंगे तो बेड़मी पूरी-हलवा और आलू की चटपटी सब्जी खाने को मिल जाएगी. मुस्लिम बहुत इलाके का दौरा कर लेंगे तो वहां नाहरी-रोटी के जलवे मिलेंगे. इडली-सांभर का नाश्ता भी अब खासा मशहूर हो चला है. आज हम आपको पारंपरिक भारतीय नाश्ता खिलाने के लिए ले चल रहे हैं. यह है पूरी और छोले का नाश्ता. सालों पुरानी इस दुकान पर आज भी इस नाश्ते को खाने के लिए लोगों का मजमा जुटता है. इस दुकान की एक विशेषता यह भी है कि शादी में शगुन के तौर पर दी जाने वाली स्वादिष्ट नमकीन व भाजी के भी खास जलवे हैं.
नाश्ते के लिए जुटता है लोगों का मजमा
यमुनापार का कृष्णा नगर पुराना रिहायशी इलाका है. जब से यह बसा है, तब से यहां के लाल क्वार्टर भी मौजूद हैं. इसी के मार्केट में आर्य समाज मंदिर के पास ‘चौधरी दी हट्टी’ नाम की पुरानी दुकान है. अगर हम कहें कि इलाके और आसपास के लोग इस दुकान पर आकर नाश्ता करते हैं और घरवालों के लिए पैकिंग कर के भी ले जाते हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी.
सुबह से ही यहां लोगों का मजमा लगना शुरू हो जाता है और वह दोपहर तक चलता है. चूंकि यह पुरानी हलवाई की दुकान है, इसलिए खाने के लिए ढेरों आइटम हैं, लेकिन इस दुकान की ख्याति तो छोले-पूरी से ही चल रही है.
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छोलों पर दही और भरवां पूरियां का है अनूठा स्वाद
आप नाश्ता करने के लिए सुबह इस दुकान पर पहुंचेंगे तो इस बात की पूरी संभावना है कि आपको थोड़ा वक्त लगे, क्योंकि खाने और पैकिंग करवाने वालों का वहां मजमा दिखेगा. आप पैसे कटाकर पूरी-छोले लीजिए. आप देखेंगे कि इनकी पूरी का साइज सामान्य पूरियों से बड़ा है. असल में यह पंजाबी पूरियां हैं. इन पूरियों को आटा, मैदा और सूजी के मिक्सचर से तैयार किया जाता है. खास बात यह भी है कि इन पूरियों के अंदर उड़द की दाल की मसालेदार पिट्ठी भी भरी जाती है. यह पिट्ठी बहुत ही बारीक होती है जो पूरियों में घुल जाती है और उसका स्वाद लाजवाब बना देती हैं.
यह पंजाबी पूरियां हैं इन्हें आटा, मैदा और सूजी के मिक्सचर से तैयार किया जाता है.
इनके छोले तो गजब हैं. गरम मसालों से भरपूर गाढ़े छोलों का स्वाद भी बिल्कुल अलग है. आपको एक दोने में छोले मिलेंगे. इन छोलों के ऊपर थोड़ा सा दही डाला जाता है, जिससे वह कलरफुल तो लगते ही हैं, साथ ही उनका स्वाद भी जुदा हो जाता है दूसरे दोने में कटी हुई प्याज और मिक्स्ड अचार भी होगा. पूरियों के साथ इनका मिलन गजब हो जाता है. एक प्लेट की कीमत 60 रुपये है.
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1963 से लगातार मिल रहा है शानदार नाश्ता
पूरी परोसने का इनका तरीका पूरी दिल्ली से अलग है. पूरियों को सफेद कागज में दिया जाता है. आपको जब एकसाथ छोले, प्याज और पूरी मिलेगी तो दोनों हाथ से उसे लेना होगा, वरना पूरी संभल नहीं पाएगी. खाने के लिए कोई अलग से व्यवस्था नहीं है, इसलिए अपने वाहन या बाहर लगी मेज पर खाना होगा. नाश्ते का यह काम दोपहर तक चलता है, उसके बाद हलवाई वाले आइटम बिकना शुरू हो जाते हैं. यह दुकान शादी के शगुन के लिए दिए जाने वाले नमकीन, भाजी, मट्ठी, नमकपारे, तोशे के लिए भी मशहूर है. उसकी भी यहां जबर्दस्त पैकिंग है.
ये दुकान शादी के शगुन के लिए दिए जाने वाले नमकीन, भाजी, मट्ठी, नमकपारे, तोशे के लिए भी मशहूर है.
इस दुकान को वर्ष 1963 में दो भाइयों प्रीतम सिंह सैनी व बलवंत सिंह सैनी ने शुरू किया था. आज उनके बेटे सुरेश सैनी व अन्य लाडले अपने पुश्तैनी काम को आगे बढ़ाए हुए हैं. सुबह 7 बजे नाश्ता मिलना शुरू हो जाता है और सामान्य दिनों में यह दुकान रात 11 बजे तक खुली रहती है. कोई अवकाश नहीं है.
नजदीकी मेट्रो स्टेशन: कृष्णा नगर
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