अमेरिका ने एक और MH-60R सीहॉक नेवल हेलीकॉप्टर, इंडियन नेवी को सौंप दिया है। भारत में अमेरिकी दूतावास ने आज (शुक्रवार को) इसकी जानकारी साझा की है। अमेरिकी दूतावास के मुताबिक, इससे भारत और अमेरिका के बीच डिफेंस पार्टनरशिप की बढ़ती मजबूती के बारे में पता चलता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, अमेरिकी दूतावास ने कहा कि Lockheed Martin का बनाया हुआ 1 और MH-60R सीहॉक नेवल हेलीकॉप्टर भारत को सौंप दिया गया है। इसे पिछले सप्ताह कोच्चि में इंडियन नेवी को डिलीवर किया गया।
मजबूत होती डिफेंस पार्टनरशिप का सबूत है MH-60R सीहॉक
अमेरिकी दूतावास के आधिकारिक X हैंडल से पोस्ट में कहा गया, ‘1 और MH-60R सीहॉक नेवल हेलीकॉप्टर भारत पहुंचा! Lockheed Martin का बनाया यह एडवांस्ड हेलीकॉप्टर पिछले सप्ताह कोच्चि में भारतीय नौसेना को सौंपा गया था। इस सप्ताह दो और हेलीकॉप्टर आएंगे। अमेरिका-भारत डिफेंस पार्टनरशिप को मजबूत होते देखकर बहुत खुशी हो रही है।’
MH-60R हेलीकॉप्टर्स के लिए 7,995 करोड़ की है डील
जान लें कि अमेरिका ने दिसंबर, 2025 में भारत के संग डिफेंस कोऑपरेशन को लेकर महत्वपूर्म कदम उठाने की घोषणा की थी, जब भारत ने इंडियन नेवी के MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर बेड़े के लिए सस्टेनमेंट पैकेज को साइन किया था। भारत ने MH-60R हेलीकॉप्टर 2020 में ‘फॉरेन मिलिट्री सेल्स’ डील के तहत खरीदे थे। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने लॉकहीड मार्टिन के बनाए हुए 24 MH-60R हेलीकॉप्टर्स के लिए करीब 7,995 करोड़ भारतीय रुपये यानी लगभग 946 मिलियन अमेरिकी डॉलर की एक डील को मंजूरी दी थी।
ऑपरेशन सिंदूर में MH-60R हेलीकॉप्टर्स ने दिखाया था शौर्य
पूर्व भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी भी MH-60R हेलीकॉप्टर्स की तारीफ कर चुके हैं। दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में MH-60R हेलीकॉप्टर्स का प्रयोग किया गया था और उन्होंने ‘वही किया जो उन्हें करना था।’
MH-60R सीहॉक की ताकत
गौरतलब है कि MH-60R सीहॉक एक मल्टी-रोल मैरीटाइम हेलीकॉप्टर है जो एंटी-सरफेस मिशन, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, सर्च-एंड-रेस्क्यू, निगरानी और जहाज से जुड़े ऑपरेशन को करने में सक्षम है। MH-60R सीहॉक लंबी दूरी के सेंसर और हथियारों से लैस है। MH-60R, पनडुब्बियों का पता लगाने, समुद्री मार्गों की सुरक्षा करने, कैरियर ग्रुप्स को सहायता देने और समंदर के खतरों का सामना करने में नौसेना की ताकत को बढ़ाता है। MH-60R को 2021 में इंडियन नेवी में शामिल किया गया था।
दुश्मन के समुद्री टारगेट को झट से लेता है पहचान
सतह पर होने वाले मिशन के लिए, MH-60R सीहॉक- हल्के टॉरपीडो, मशीन गन और AGM-114 हेलफायर मिसाइल ले जा सकता है। MH-60R में दुश्मन के समुद्री टारगेट्स की पहचान करने और उन पर अटैक करने के लिए इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम और एडवांस्ड रडार लगे हुए हैं। साथ ही, MH-60R सीहॉक के एंटी-सबमरीन वॉरफेयर सिस्टम में डिपिंग सोनार, मल्टी-मोड रडार, सोनोबॉय और Mk-54 टॉरपीडो भी शामिल हैं। जान लें कि भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए उसे जल्द ही 6 और P8 I विमान मिल सकते हैं, जिनकी कीमत 27 हजार करोड़ रुपये होगी। ये भी पनडुब्बी रोधी विमान होते हैं।
(इनपुट- ANI)
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