मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शिक्षक अभ्यर्थियों के धरने का आज चौथा दिन है। अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती 2025 के वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदवृद्धि की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। पद वृद्धि की मांग को लेकर पिछले 4 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है। मध्य प्रदेश के अलावा कई राज्यों में भी शिक्षकों का धरना प्रदर्शन हो रहा है, इसमें उड़ीसा राज्य भी शामिल है।
बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
नीलम पार्क में अभ्यर्थियों के भारी जमावड़े को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मौके पर तैनात हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं 2023 में हुए शिक्षक भर्ती वर्ग-1 के 1000 से ज्यादा वेटिंग अभ्यर्थी भी आज सड़कों पर उतरकर प्रोटेस्ट करने वाले हैं।
आंदोलन को और बड़ा करने की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 8721 पदों की जरूरत होने के बावजूद सरकार ने केवल 2901 पदों पर शिक्षकों की भर्ती कर प्रक्रिया बंद कर दी, जबकि हजारों अभ्यर्थी आज भी वेटिंग में हैं।
नवंबर 2025 से अलग-अलग फेज में हो रहा आंदोलन
मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती के ये कैंडिडेट नवंबर 2025 से अलग-अलग फेज में आंदोलन कर रहे हैं। जनवरी से जुलाई तक भोपाल में प्रदर्शन, धरने, भूख हड़ताल, मुंडन और मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर विरोध जताया गया है।
मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए अभ्यर्थी
अब 21 अगस्त से नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना जारी है। पटना के गर्दनी बाग के बाद अब भोपाल में भी नया जंतर-मंतर बना गया है। भोपाल के जंतर-मंतर पर कोई एमपी के अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थी हैं। महिलाएं भी हैं और पुरूष जो अपने छोटे-छोटे बच्चों को साथ लेकर धरने पर बैठी हुई हैं।
नरेंद्र राजपूत अन्न-जल त्यागकर बैठे
अब इस जंतर-मंतर पर भी अनशन शुरू हो गया है। नीलम पार्क में नरेंद्र राजपूत अन्न-जल त्यागकर बैठे हैं । लेकिन सरकार की ओर से अब तक बातचीत के लिए कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा है। जिसको लेकर छात्र नाराज है।
बेरोजगारों की अपेक्षा कर रही है सरकार
नीलम पार्क में अभ्यर्थियों के भारी जमावड़े को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मौके पर तैनात हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक सरकार बेरोजगारों की अपेक्षा कर रही है और उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
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