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मिट्टी के कुल्हड़ में शाहजहांपुर का अनोखा ‘मक्खन छेना’, हर कोई हुआ इसका मुरीद

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Shahjahanpur Makkhan Chhena: शाहजहांपुर के अग्रसेन चौक पर शुभ दिया स्वीट्स का ‘मक्खन छेना’ इन दिनों स्वाद की नई पहचान बन चुका है. दुकानदार गोविंद गुप्ता की इस अनूठी रेसिपी का जादू ऐसा है कि शुद्ध दूध, ताज़ा मक्खन और रूह अफ़ज़ा के इस लाजवाब कॉम्बिनेशन का लुत्फ उठाने आसपास के जिलों से भी लोग खींचे चले आ रहे हैं. मिट्टी के कुल्हड़ में मात्र 50 रुपये में मिलने वाला यह देसी ज़ायका रोज़ाना 250 से अधिक प्लेट बिक रहा है.

शाहजहांपुर को अब तक लोग ऐतिहासिक धरोहरों और क्रांतिकारियों की वजह से जानते थे. लेकिन बदलते समय के साथ यहां का खान-पान भी इसकी नई पहचान बन रहा है. अग्रसेन चौक पर मिलने वाला मक्खन छेना इस समय पूरे शहर में चर्चा का विषय है. जिसने भी एक बार इसे चखा, वह इसके लाजवाब स्वाद का पूरी तरह कायल हो गया.

शुभ दिया स्वीट्स के मालिक गोविंद गुप्ता इस बेहतरीन मिठाई को तैयार करते हैं. उन्होंने लोकल 18 को बताया कि यह मक्खन छेना किसी पुरानी परंपरा का हिस्सा नहीं, बल्कि उनकी खुद की ईजाद की हुई एक अनूठी रेसिपी है. वह इसे बहुत ही खास और पारंपरिक तरीके से तैयार करते हैं, जो इसे अनोखा बनाता है.

गोविंद गुप्ता पिछले 6 वर्षों से इस खास मक्खन छेना को बनाकर बेच रहे हैं. इन चार सालों में उन्होंने अपने स्वाद की गुणवत्ता को इस तरह बरकरार रखा है कि आज यह ग्राहकों की पहली पसंद बन चुका है. शुरुआत से लेकर अब तक इसके दीवानों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ती ही जा रही है.

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इसे बनाने की प्रक्रिया बेहद दिलचस्प है. गोविंद गुप्ता सबसे पहले शुद्ध दूध को धीमी आंच पर देर तक पकाते हैं. इसके बाद दूध से छेना तैयार कर उसे विशेष मक्खन वाले दूध में डाला जाता है. फिर उसी दूध में स्वादानुसार चीनी और ताजा मक्खन मिलाया जाता है, जिसके कुछ घंटों बाद यह तैयार होता है.

स्वाद के साथ-साथ इसे परोसने का अंदाज भी बेहद देसी और आकर्षक है. शुभ दिया स्वीट्स पर ग्राहकों को यह मक्खन छेना मिट्टी के कुल्हड़ या प्लेट में दिया जाता है. मिट्टी की भीनी खुशबू इस मिठाई के स्वाद को दोगुना कर देती है, जो आजकल के दौर में बेहद कम देखने को मिलता है.

इस स्वादिष्ट मक्खन छेना की एक प्लेट की कीमत मात्र 50 रुपए है. प्लेट में छेना निकालने के बाद ऊपर से गाढ़ा दूध और अतिरिक्त मक्खन लगाया जाता है. इसके स्वाद को और अधिक शानदार और रिफ्रेशिंग बनाने के लिए अंत में इस पर रूह अफजा डाला जाता है, जो इसे सबसे अलग लुक देता है.

इस मिठाई की लोकप्रियता केवल शाहजहांपुर तक ही सीमित नहीं है. गोविंद गुप्ता के मुताबिक, आसपास के कई जिलों से लोग विशेष रूप से इस मक्खन छेना का लुत्फ उठाने अग्रसेन चौक आते हैं. कई लोग तो इसे अपने परिवार और रिश्तेदारों के लिए पैक करवाकर अपने साथ घर भी ले जाते हैं.

दुकान पर रोजाना 200 से 250 प्लेट मक्खन छेना की धड़ल्ले से बिक्री हो जाती है. पैकिंग के लिए ग्राहकों से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाता है. दुकान के मालिक गोविंद गुप्ता का कहना है कि वे स्वाद के साथ-साथ पैकिंग के दौरान साफ-सफाई और शुद्धता का सबसे विशेष और कड़ा ध्यान रखते हैं.

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