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Chapra Famous Sweet Atom Bomb: छपरा के मांझी प्रखंड के ताजपुर बाजार में छेने से बनी एक खास मिठाई मिलती है जिसे एटम बम कहते हैं. इसे साल 1953 में पहली बार बनाया गया था और आज तीसरी पीढ़ी दुकान संभाल रही है. 360 रुपये किलो की यह मिठाई मुंबई-चेन्नई तक सप्लाई होती है और सालों से ग्राहकों का प्यार कम नहीं हुआ.

छपरा. छपरा में कई ऐसे ग्रामीण बाजार हैं, जहां के व्यंजन अपनी शुद्धता और स्वाद के कारण बड़े-बड़े महानगरों तक पहचान बना रहे हैं. आज हम बात कर रहे हैं मांझी प्रखंड के ताजपुर बाजार की, जहां की मिठाई जिले के कोने-कोने के लोग खाना पसंद करते हैं. इसके अलावा यहां से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित बड़े शहरों में रहने वाले लोग भी मिठाई खरीदकर ले जाते हैं. इस मिठाई का नाम भी काफी यूनिक है. यहां की मिठाई ‘एटम बम’ के नाम से मशहूर है. तीसरी पीढ़ी के रूप में एक परिवार अपने पूर्वजों के इस कारोबार को संभाल रहा है.

तीसरी पीढ़ी बना रही ‘एटम बम’!
बता दें कि ताजपुर बाजार स्थित स्वर्गीय बिंदेश्वरी सिंह उर्फ भाई जी ने सन 1953 में एटम बम मिठाई का कारोबार शुरू किया था. उसके बाद उनके पुत्र स्वर्गीय विजय सिंह ने इस कारोबार को संभाला. अब उनके निधन के बाद तीसरी पीढ़ी के रूप में स्वर्गीय बिंदेश्वरी सिंह के पोते और विजय सिंह के पुत्र नंदन सिंह अपने पूरे परिवार के साथ इस कारोबार को संभाल रहे हैं.

मिठाई में क्या है खासियत
यहां की मिठाई में शुरू से लेकर अब तक शुद्धता और स्वाद में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पूरी ईमानदारी से छेना से मिठाई तैयार की जाती है, जिसके कारण इसका स्वाद भी लाजवाब लगता है. यहां सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है. काउंटर पर आपको एक पीस मिठाई भी ज्यादा देर तक नजर नहीं आएगी और ना ही एक मक्खी नजर आएगी. जितनी मिठाई बनती है, वह बहुत जल्दी बिक जाती है. ग्रामीण क्षेत्रों से दूध लाने के बाद छेना निकालकर एटम बम मिठाई तैयार की जाती है.

इस मिठाई का नाम एटम बम क्यों रखा गया
जानकारी के अनुसार, जब अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था, उस समय उसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही थी. उसी दौरान स्वर्गीय बिंदेश्वरी सिंह मिठाई बना रहे थे. लोगों की चर्चा सुनकर उन्होंने अपनी तैयार की जा रही मिठाई का नाम ‘एटम बम’ रख दिया. लोग नाम सुनकर मुस्कुराते हैं, लेकिन मिठाई खाने के बाद उसके स्वाद की खूब तारीफ भी करते हैं.

लोकल 18 से नंदन सिंह ने बताया कि 1953 में मेरे दादा स्वर्गीय बिंदेश्वरी सिंह उर्फ भाई जी ने इस मिठाई की शुरुआत की थी. यह मिठाई शुद्ध छेना से तैयार होती है, जिसका नाम एटम बम है. उन्होंने बताया कि जब अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा पर एटम बम गिराया, तब चारों ओर उसकी चर्चा होने लगी. उसी से दादाजी के मन में मिठाई का नाम एटम बम रखने का विचार आया.

मेट्रो सिटीज तक होती सप्लाई
तब से यह मिठाई अपने नाम और स्वाद के कारण अलग पहचान बना रही है. इसका स्वाद लेने के लिए जिले के कोने-कोने से लोग आते हैं. इसके अलावा दिल्ली, चेन्नई, पंजाब, मुंबई सहित बड़े शहरों में रहने वाले लोग भी इसे खरीदकर ले जाते हैं. यह मिठाई 360 रुपए किलो और एक पीस 12 रुपए में मिलती है. हर दिन मिठाई बनाई जाती है और 50 किलो से अधिक बिक्री भी हो जाती है. लोगों का ऐसा ही प्रेम और स्नेह मिलता रहा, तो आगे भी हम लोग शुद्धता के साथ मिठाई का स्वाद लोगों तक पहुंचाते रहेंगे.

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Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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