Last Updated:

राजस्थान की प्रसिद्ध डूंगरी चटनी प्याज, लाल मिर्च और लहसुन से बनती है. यह दाल-रोटी का स्वाद बढ़ाती है और स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. तो इसे खाने का खास बनाने के लिये जरूर ट्राई करें.

Zoom

ट्राई कीजिये ये खास चटनी, खाने का बढ़ जायेगा जायका. Image AI

राजस्थान की पारंपरिक रसोई अपने अनोखे स्वाद, तीखे मसालों और सादगी भरे व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है. इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में से एक है डूंगरी चटनी. राजस्थानी भाषा में प्याज को “डूंगरी” कहा जाता है, इसलिए इस चटनी का मुख्य घटक प्याज होता है. कम सामग्री में बनने वाली यह चटनी स्वाद में इतनी लाजवाब होती है कि साधारण दाल-रोटी का स्वाद भी कई गुना बढ़ा देती है.

आवश्यक सामग्री

2 बड़े प्याज
4-5 सूखी लाल मिर्च
4 लहसुन की कलियां
1 छोटा चम्मच जीरा
1 बड़ा चम्मच सरसों का तेल
1 छोटा चम्मच नींबू का रस
स्वादानुसार नमक
थोड़ा हरा धनिया

बनाने की विधि

  • सबसे पहले सूखी लाल मिर्चों को 10 मिनट के लिए गुनगुने पानी में भिगो दें. इससे वे नरम हो जाएंगी और आसानी से पीसी जा सकेंगी. अब प्याज को मोटे टुकड़ों में काट लें.
  • मिक्सर जार में लाल मिर्च, लहसुन और जीरा डालकर पीस लें. इसके बाद कटे हुए प्याज डालकर दरदरा पीसें. ध्यान रखें कि प्याज को बहुत ज्यादा महीन न करें, क्योंकि डूंगरी चटनी का असली स्वाद इसके हल्के दरदरेपन में ही होता है.
  • अब इस मिश्रण को एक बाउल में निकालें और इसमें नमक, नींबू का रस तथा सरसों का तेल मिलाएं. यदि चाहें तो ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया भी डाल सकते हैं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाने के बाद चटनी परोसने के लिए तैयार है.

राजस्थानी भोजन का अभिन्न हिस्सा

राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में डूंगरी चटनी लंबे समय से बनाई जाती रही है. पहले के समय में जब सब्जियां आसानी से उपलब्ध नहीं होती थीं, तब लोग रोटी, बाजरे की रोटी या बाटी के साथ इस चटनी का सेवन करते थे. आज भी यह कई घरों में रोजमर्रा के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

यह चटनी विशेष रूप से दाल-बाटी-चूरमा, बाजरे की रोटी, ज्वार की रोटी, पराठे और खिचड़ी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है. इसके तीखे और चटपटे स्वाद के कारण यह भोजन को और अधिक आकर्षक बना देती है.

स्वास्थ्य लाभ

डूंगरी चटनी स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी लाभकारी मानी जाती है. प्याज में एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में मदद करते हैं. लहसुन पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है, जबकि लाल मिर्च चटनी में स्वाद और रंग दोनों बढ़ाती है.

कुछ खास टिप्स

अधिक तीखापन पसंद हो तो हरी मिर्च भी मिलाएं.
सिलबट्टे पर पीसने से चटनी का स्वाद और सुगंध बढ़ जाती है.
सरसों के तेल की जगह घी का हल्का प्रयोग भी किया जा सकता है.
चटनी को ताजा बनाकर तुरंत खाना सबसे बेहतर रहता है.



Source link

Write A Comment