Maharashtrian Ravan Bhat: बिरयानी, पुलाव, तहरी और मसाला राइस जैसी चावल की डिश आपने कई बार खाई होंगी, लेकिन महाराष्ट्र की रसोई में चावल से बनने वाली कुछ ऐसी देसी रेसिपी भी हैं, जिनके बारे में दूसरे राज्यों के लोगों को बहुत कम पता है. ऐसी ही एक डिश है रावणभात. इसका नाम सुनकर पहली बार में ध्यान रामायण के रावण की तरफ जाना स्वाभाविक है, लेकिन यहां बात एक चटपटे चावल की डिश की हो रही है. महाराष्ट्र, खासकर कोल्हापुर से जोड़ी जाने वाली इस रेसिपी में पके हुए चावल के साथ चना दाल और मसालों का इस्तेमाल किया जाता है.

इसकी सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे स्वादिष्ट बनाने के लिए प्याज और लहसुन की जरूरत नहीं पड़ती. सरसों, जीरा, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता, हींग और इमली जैसी चीजें ही इसे अपना अलग स्वाद देती हैं. चना दाल की वजह से हर निवाले में हल्का सा टेक्सचर मिलता है, जबकि इमली का खट्टापन और लाल मिर्च का तीखापन साधारण चावल को एकदम अलग बना देता है. अगर घर में पके हुए चावल बचे हैं, तो उनसे भी रावणभात तैयार किया जा सकता है.

आखिर रावणभात क्या होता है?
रावणभात को आसान भाषा में समझें तो यह चावल और चना दाल से तैयार होने वाली एक महाराष्ट्रीयन डिश है. देखने में यह पहली नजर में मसाला राइस या हल्के पुलाव जैसी लग सकती है, लेकिन इसे बनाने का तरीका और स्वाद दोनों अलग हैं. इसमें सब्जियों की लंबी लिस्ट की जरूरत नहीं पड़ती और न ही बिरयानी की तरह कई तरह के मसाले इस्तेमाल करने होते हैं. इसकी असली पहचान चना दाल और तड़के से बनती है. दाल को पहले भिगोया जाता है और फिर मसालों के साथ पकाया जाता है. आखिर में पके हुए चावल इसमें मिलाए जाते हैं. इस तरह चावल के बीच हल्की नरम चना दाल खाने में अलग टेक्सचर देती है.

बिना प्याज और लहसुन के कैसे आता है इतना स्वाद?
कई चावल की रेसिपी में प्याज और लहसुन स्वाद का आधार बनते हैं, लेकिन रावणभात में इनके बिना ही मसालों का अच्छा मेल तैयार किया जाता है. गर्म तेल में सरसों और जीरे का तड़का लगाया जाता है. इसके बाद सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता और हींग डाली जाती है. इन सभी चीजों की खुशबू तेल में आने के बाद चना दाल इसमें पकती है. आखिर में इमली का हल्का खट्टापन इसके स्वाद को संतुलित करता है. यही वजह है कि कम सामग्री होने के बावजूद रावणभात फीका नहीं लगता.

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चना दाल क्यों है रावणभात की खास पहचान?
रावणभात को सामान्य मसाला चावल से अलग करने में चना दाल की बड़ी भूमिका है. इसे कुछ घंटे पहले पानी में भिगोने से दाल नरम हो जाती है, लेकिन पकाते समय इसका आकार बना रहता है. इससे चावल में मिलाने के बाद दाल पूरी तरह घुलती नहीं है. हर निवाले में चावल के साथ चना दाल मिलने से इसका स्वाद और बनावट दोनों बदल जाते हैं. इसलिए दाल को जरूरत से ज्यादा पकाकर बिल्कुल मुलायम करने से बचना बेहतर है.

रावणभात बनाने के लिए क्या चाहिए?
घर पर रावणभात बनाने के लिए पके हुए चावल और चना दाल मुख्य सामग्री हैं. इसके अलावा तेल, सरसों, जीरा, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता, हींग, लाल मिर्च पाउडर, नमक, इमली का रस और हरा धनिया रखा जा सकता है. स्वाद को और बढ़ाना हो तो भुनी हुई मूंगफली भी इस्तेमाल की जा सकती है. कुछ तरीकों में सूखा नारियल भी जोड़ा जाता है. सामग्री को अपनी पसंद के मुताबिक थोड़ा कम या ज्यादा किया जा सकता है.

घर पर ऐसे तैयार करें रावणभात
सबसे पहले चना दाल को साफ पानी से धोकर करीब 2 से 3 घंटे के लिए भिगोकर रखें. इसके बाद पानी निकाल दें. दूसरी तरफ चावल को सामान्य तरीके से पका लें. यहां एक बात ध्यान रखें कि चावल बहुत ज्यादा गलने नहीं चाहिए. दाने अलग-अलग रहेंगे तो तैयार रावणभात की बनावट ज्यादा अच्छी लगेगी.

अब एक चौड़े पैन में तेल गर्म करें. इसमें सरसों डालें और चटकने दें. इसके बाद जीरा, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता और थोड़ी हींग डालें. हल्का सा भूनने के बाद इसमें भीगी हुई चना दाल डाल दें. नमक और जरूरत के अनुसार लाल मिर्च पाउडर मिलाएं. दाल को मध्यम आंच पर पकाएं. जरूरत लगे तो थोड़ा पानी डालकर पैन को ढक सकते हैं. दाल पक जाए लेकिन उसका आकार बना रहे, तब इसमें इमली का रस डालें.

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चावल मिलाते समय न करें जल्दबाजी
अब तैयार मसालेदार चना दाल में पके हुए चावल डालें. चावल को तेज हाथों से चलाने के बजाय धीरे-धीरे पलटते हुए मिलाएं, ताकि दाने टूटकर चिपचिपे न हो जाएं. इसके बाद पैन को कुछ मिनट के लिए ढककर धीमी आंच पर रखें. इससे तड़के, इमली और दाल का स्वाद चावल में अच्छी तरह मिलने लगेगा. आखिर में बारीक कटा हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें.

बचे हुए चावल से भी बना सकते हैं रावणभात
रावणभात की एक अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए हर बार ताजा चावल पकाना जरूरी नहीं है. रात या दोपहर के बचे हुए सादे चावल फ्रिज में सही तरीके से रखे गए हैं, तो उनका इस्तेमाल भी किया जा सकता है. इससे रेसिपी और जल्दी तैयार हो जाती है. बस ठंडे चावल डालने के बाद उन्हें अच्छी तरह गर्म होने तक पकाना जरूरी है. पहले से पके चावल इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि वे खराब न हुए हों और लंबे समय तक कमरे के तापमान पर न रखे गए हों.

किसके साथ खाएं रावणभात?
रावणभात अपने आप में स्वाद से भरपूर होता है, इसलिए इसे बिना किसी दूसरी सब्जी के भी खाया जा सकता है. साथ में दही, छाछ, पापड़ या अचार रखा जा सकता है. ऊपर से भुनी हुई मूंगफली डालने पर हल्का क्रंच भी मिलता है. अगर आप प्याज खाते हैं तो सर्व करते समय अलग से कटा प्याज रखा जा सकता है, लेकिन पारंपरिक बिना प्याज-लहसुन वाले स्वाद का आनंद लेना हो तो इसे वैसे ही परोसें.

पुलाव और बिरयानी से बिल्कुल अलग है इसका अंदाज
रावणभात की खासियत इसकी सादगी है. इसमें महंगे मसालों, ढेर सारी सब्जियों या लंबी तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती. चावल, चना दाल और कुछ रोजमर्रा के मसालों से ही एक अलग स्वाद वाली डिश तैयार हो जाती है. इसलिए अगली बार जब घर में सादे चावल खाने का मन न हो और बिरयानी या पुलाव भी नहीं बनाना चाहते हों, तब महाराष्ट्र के इस रावणभात को आजमाया जा सकता है. इसका नाम जितना दिलचस्प है, चना दाल, इमली और देसी तड़के का मेल भी उतना ही अलग है.



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