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झारखंड का यह विशेष वेज चिला स्वाद और सेहत का बेजोड़ संगम है. इसे बेसन, सूजी और ताजी सब्जियों से तैयार किया जाता है. बीटरूट और गाजर इसे रंगीन और पौष्टिक बनाते हैं. यह नाश्ता कम समय में झटपट तैयार हो जाता है. बच्चे इसे चटनी या सॉस के साथ बड़े चाव से खाते हैं.

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जमशेदपुरः आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में शाम होते ही बच्चों को कुछ स्वादिष्ट खाने का मन करता है. ऐसे समय में हर मां यही सोचती है कि ऐसा क्या बनाया जाए जो जल्दी भी बन जाए, पौष्टिक भी हो और बच्चों को पसंद भी आए. झारखंड के घरों में ऐसे ही समय के लिए एक खास तरह का वेज चिला बनाया जाता है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ख्याल रखता है. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और घर में मौजूद सामान से ही यह तैयार हो जाता है.

झारखंड के कई गांवों और शहरों में शाम के नाश्ते के रूप में यह चिला काफी पसंद किया जाता है. बाहर के फास्ट फूड की तुलना में यह कहीं ज्यादा हेल्दी और स्वादिष्ट माना जाता है. बच्चे भी इसे बड़े चाव से खाते हैं क्योंकि इसमें कुरकुरापन, रंग-बिरंगी सब्जियां और हल्का मसालेदार स्वाद होता है.

ऐसे करें तैयार
इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में बेसन और थोड़ा सा आटा लें. इसमें थोड़ा सूजी डाल दीजिए ताकि चिला हल्का कुरकुरा बने. इसके बाद घर में मौजूद सब्जियां जैसे बारीक कटी गाजर, बीटरूट, शिमला मिर्च और प्याज मिला दीजिए. चाहें तो थोड़ा हरा धनिया और हरी मिर्च भी डाल सकते हैं. फिर इसमें स्वादानुसार नमक, हल्दी और थोड़ा जीरा डालकर अच्छी तरह मिक्स करें.

अब इसमें धीरे-धीरे पानी डालते हुए ऐसा घोल तैयार करें जो ना ज्यादा पतला हो और ना ज्यादा गाढ़ा. सही कंसिस्टेंसी ही इस चिले का असली स्वाद बढ़ाती है. इसके बाद गैस पर तवा या फ्राई पैन गर्म करें और उसमें थोड़ा तेल डाले. जब तवा अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब घोल को गोल आकार में फैलाएं.

धीमी आंच पर पकाएं
धीमी आंच पर चिले को दोनों तरफ से अच्छी तरह सेकें. जब इसका रंग गोल्डन ब्राउन हो जाए और किनारे कुरकुरे दिखने लगें, तब इसे प्लेट में निकाल लें. गर्मागर्म चिले को टमाटर सॉस, हरी चटनी या दही के साथ परोसें. यह चिला सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि काफी पौष्टिक भी होता है. बेसन और सब्जियों की वजह से बच्चों को प्रोटीन और विटामिन भरपूर मात्रा में मिल जाते हैं. वहीं बीटरूट और गाजर इसे रंगीन और हेल्दी बनाते हैं, जिससे बच्चे बिना नखरे के इसे खुशी-खुशी खा लेते हैं.

झारखंड की यह आसान रेसिपी आज भी कई घरों में शाम की भूख मिटाने का सबसे बेहतरीन तरीका मानी जाती है. कम समय, कम खर्च और शानदार स्वाद के कारण यह चिला बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी का पसंदीदा नाश्ता बन चुका है.

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Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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