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Sugar vs Honey: गर्मियों का मौसम आ गया है, और कई लोग अपने घर पर बनने वाले पेय पदार्थों और खाने में रिफाइंड चीनी की जगह देसी शहद का इस्तेमाल करना पसंद कर रहे हैं. गर्मियों के महीनों में, शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए लस्सी और शरबत जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों का सेवन किया जाता है.
आजकल लोग सेहत को लेकर बहुत जागरूक हो गए हैं. तेल से लेकर शक्कर तक, खाने में क्या होना चाहिए और कितना होना चाहिए, इस बारे में ज्यादातर लोग सोचने लगे हैं. कई लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में जिम और योग के लिए भी समय निकाल रहे हैं. लेकिन आप क्या खाते हैं, यही सबसे ज्यादा जरूरी है.
बहुत लोग अपने खाने में शक्कर कम करके शहद का इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन गर्मी में आपके लिए क्या फायदेमंद है, ये जानना जरूरी है.
गर्मी शुरू हो गई है और बहुत लोग घर में बनने वाले पेय और खाने में रिफाइंड शक्कर की जगह देसी शहद का इस्तेमाल कर रहे हैं. गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए लस्सी और शरबत जैसे पारंपरिक पेय पिए जाते हैं. इन पेयों को मीठा बनाने के लिए शक्कर डाली जाती है. लेकिन अब कई लोग रिफाइंड शक्कर की जगह देसी शहद को चुन रहे हैं.
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक प्रोसेस्ड शक्कर की तुलना में प्राकृतिक शहद शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद होता है. लेकिन जो शहद आप खा रहे हैं, क्या वो सच में शक्कर से बेहतर है और उसका इस्तेमाल कितना सुरक्षित है? इसके बारे में जागरूक रहना जरूरी है.
गावरान शहद शहद का प्राकृतिक रूप है, जिसे मधुमक्खियों के छत्ते से निकालकर सीधे इस्तेमाल किया जाता है. इसमें सभी पोषक तत्व और परागकण बने रहते हैं. दूसरी तरफ बाजार में मिलने वाला सामान्य शहद छानकर और प्रोसेस करके तैयार किया जाता है. इससे वह ज्यादा साफ दिखता है, लेकिन उसके कई प्राकृतिक गुण खत्म हो जाते हैं.
देसी शहद में विटामिन, मिनरल और एंजाइम्स भरपूर होते हैं, जबकि शक्कर बनाने की प्रक्रिया में सारे प्राकृतिक पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं और सिर्फ कैलोरी और मिठास बचती है. शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुणों की वजह से यह गर्मियों में संक्रमण से लड़ने में मदद करता है. जिम करने वालों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इसी वजह से शहद को पसंद करते हैं.
डॉ. पी. सिंह के मुताबिक, सफेद शक्कर शरीर में सूजन बढ़ाती है. इसके मुकाबले कच्चा शहद कम ग्लायसेमिक वाला विकल्प है. शहद खाने से शक्कर की मात्रा अचानक नहीं बढ़ती. गर्मियों में शहद खाने से पेट ठंडा रहता है और मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शहद में मौजूद नेचुरल एंजाइम्स पाचन को कंट्रोल करते हैं और गर्मी में होने वाली दिक्कतों से बचाते हैं.
यह भी ध्यान रखें कि शहद भी शक्कर का ही एक प्रकार है. इसमें भी कैलोरी ज्यादा होती है. अगर इसका ज्यादा इस्तेमाल करेंगे तो वजन बढ़ सकता है. सिर्फ इसलिए कि यह प्राकृतिक है, इसका मतलब यह नहीं कि आप इसे जितना चाहें उतना खा सकते हैं. इसे सीमित मात्रा में ही लेना सही होता है.
डिस्क्लेमर : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं है. इसलिए किसी भी सलाह का पालन करने से पहले विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं होगा.