लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े टेरर ग्रुप यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) ने कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों को एक नया धमकी भरा नोट जारी किया है। इस थ्रेट नोट में 6 सरकारी कर्मचारियों के नाम और फोन नंबर हैं। इस थ्रेट नोट के सामने आने के बाद सिक्योरिटी एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।
इस ग्रुप के बारे में कहा जा रहा है कि यह ग्रुप लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा एक शैडो फ्रंट ग्रुप है। इस ग्रुप ने धमकी दी है कि अगर टेररिस्ट सपोर्टर और लड़कों की प्रॉपर्टी अटैच या सीज की गई तो वे सिक्योरिटी कर्मचारियों और एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेंगे।
कश्मीर के बाहर भी पीछा करने की धमकी
थ्रेट नोट में यह भी कहा गया है कि ग्रुप सरकारी डिपार्टमेंट, खासकर रेवेन्यू डिपार्टमेंट पर नजर रख रहा है, जहां सरकारी पैकेज के तहत काम करने वाले कश्मीरी पंडित पोस्टेड हैं। संगठन ने कश्मीरी पंडितों को आगे चेतावनी दी कि घाटी से जम्मू में शिफ्ट होने से वे हमलों से सुरक्षित नहीं रहेंगे, और कश्मीर के बाहर भी उनका पीछा करने की धमकी दी।
कभी भी निशाना बनाना आसान
थ्रेट नोट में कहा गया, ‘जैसा कि पहले चेतावनी दी गई थी, आपकी पुलिस फोर्स में 90 प्रतिशत से अधिक स्थानीय निवासी हैं, जो इसी समुदाय के बीच रहते हैं। जश्न मनाते हैं और उनके साथ घुलते-मिलते हैं। इसलिए उन्हें कहीं भी और कभी भी निशाना बनाना आसान है।
वे हमारी पहुंच से बाहर, तो वे गलतफहमी में
धमकी भरे पत्र में ये भी कहा गया, “अगर इन प्रवासी पंडितों को लगता है कि वे हमारी पहुंच से बाहर हैं, तो वे गलतफहमी में हैं। हमारे पास उनके बारे में पूरी जानकारी है, जिसमें उनके परिवार के सदस्यों और उनके ठिकानों की जानकारी भी शामिल है। इस बार वे जम्मू में भी नहीं छिप पाएंगे, क्योंकि जरूरत पड़ने पर हम वहां भी उनका पीछा करेंगे। ‘वर्क फ्रॉम होम’ का बहाना अब नहीं चलेगा।”
सूत्रों के मुताबिक, ऐसी पर्सनल जानकारी देने का मकसद कर्मचारियों को एक्सपोज करना और टारगेटेड हमलों के लिए उनकी पहचान करना है। धमकियों में जिन लोगों के नाम हैं, वो सरकारी कर्मचारी और कश्मीरी पंडित हैं। कश्मीरी पंडितों के ये धमकी भरा पक्ष यूनाइटेड लेबरेशन काउंसिल (ULC) की ओर से दी गई है। इस पत्र में तारीख 7 अगस्त 2026 की तारीख पड़ी हुई है।
फरवरी 2026 में भी मिला था धमकी भरा नोट
ऐसा पहली बार नहीं है कि कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी भरा नोट मिला है। इससे पहले फरवरी 2026 में भी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े टीआरएफ ने कश्मीरी पंडितों को जान से मारने की धमकी दी थी। लेकिन यह धमकी वाला नोट उस समय समाने आया है। जब हाल ही में दो गैर-स्थानीय मजदूरों और एक पुलिस कांस्टेबल की टारगेट किलिंग हुई है। ऐसे में इस धमकी को हल्के में नहीं लिया जा रहा है।
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