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Monsoon Fruits and Vegetables: बरसात के मौसम में गांवों और स्थानीय बाजारों में ककड़ी, फूट, कचरिया और ककोड़ा जैसी खास देसी चीजें मिलती हैं, जो सालभर उपलब्ध नहीं रहतीं. ककड़ी ताजगी और सलाद के लिए पसंद की जाती है, जबकि फूट बारिश का लोकप्रिय देसी फल है. कचरिया की स्वादिष्ट सब्जी बनाई जाती है और इसे सुखाकर भी रखा जाता है. ककोड़ा सीमित समय के लिए मिलने वाली औषधीय सब्जी है. बारिश खत्म होते ही ये पौष्टिक व देसी मौसमी चीजें बाजारों से धीरे-धीरे गायब हो जाती हैं.
बरसात का मौसम अपने साथ हरियाली और ठंडक ही नहीं, बल्कि कई तरह के खास मौसमी फल और सब्जियां भी लेकर आता है. गांवों और ग्रामीण इलाकों में इस मौसम में मिलने वाली कई देसी चीजें अपने स्वाद और खासियत के कारण लोगों की पसंद बनी रहती हैं. खास बात यह है कि ककड़ी, फूट, कचरिया और ककोड़ा जैसी चीजें सालभर आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं और बारिश के मौसम में ही बाजारों, खेतों और खलिहानों के आसपास नजर आती हैं. ऐसे में बरसात के मौसम में मिलने वाली इन पारंपरिक चीजों का स्वाद जरूर लेना चाहिए.
ककड़ी बरसात के मौसम में मिलने वाली सबसे लोकप्रिय मौसमी चीजों में शामिल है. यह स्वाद में हल्की और ताजगी देने वाली होती है. गांवों में इसे अक्सर नमक और मिर्च के साथ कच्चा खाया जाता है. वहीं कई जगह इसका इस्तेमाल सलाद और दूसरी घरेलू तैयारियों में भी किया जाता है. बारिश के दिनों में खेतों और स्थानीय बाजारों में ताजी ककड़ी आसानी से देखने को मिल जाती है.
फूट को कई ग्रामीण इलाकों में बरसात के मौसम का खास देसी फल माना जाता है. यह भी इसी मौसम में खेतों और आसपास के इलाकों में प्राकृतिक रूप से देखने को मिलता है. इसका स्वाद और स्थानीय पहचान इसे दूसरी सामान्य सब्जियों और फलों से अलग बनाती है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे खास तौर पर बरसात के मौसम में ही खरीदते और खाते हैं. मौसम के सीमित समय में उपलब्ध होने के कारण फूट का इंतजार स्थानीय लोगों को पूरे साल रहता है.
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कचरिया भी बारिश के दिनों में मिलने वाली खास देसी सब्जी है. इसे कई जगहों पर सुखाकर भी इस्तेमाल किया जाता है और इसकी सब्जी ग्रामीण घरों में काफी पसंद की जाती है. बरसात के मौसम में इसकी उपलब्धता बढ़ जाती है, इसलिए स्थानीय बाजारों में भी यह आसानी से मिल जाती है. देसी स्वाद पसंद करने वाले लोगों के लिए कचरिया इस मौसम की खास पहचान मानी जाती है. इसके पारंपरिक स्वाद और इस्तेमाल के कारण ग्रामीण इलाकों में आज भी इसकी खास मांग बनी रहती है.
ककोड़ा यानी जंगलों और खेतों के आसपास मिलने वाली एक खास मौसमी सब्जी बरसात के दिनों में खूब नजर आती है. इसकी सब्जी अपने देसी स्वाद के लिए जानी जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में इसे बड़े चाव से खाया जाता है. हालांकि ककोड़ा सीमित समय के लिए ही उपलब्ध होता है, इसलिए बारिश का मौसम इसके स्वाद का आनंद लेने का सही समय माना जाता है. यही वजह है कि बरसात का मौसम खत्म होते ही ककोड़ा समेत कई देसी मौसमी चीजें बाजारों से धीरे-धीरे गायब होने लगती हैं.