Sabudana Rasmalai Recipe: सावन का महीना आते ही घरों में व्रत के लिए अलग-अलग फलाहारी चीजें बनने लगती हैं. साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा और साबूदाना खीर इनमें सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं, लेकिन हर सोमवार या व्रत में एक जैसी चीजें खाते-खाते कई बार कुछ नया और स्वादिष्ट खाने का मन करने लगता है. ऐसे में साबूदाना रसमलाई आपके व्रत के मेन्यू में एक मजेदार बदलाव ला सकती है. साबूदाने से तैयार छोटी-छोटी मुलायम बॉल्स को जब इलायची और केसर की खुशबू वाले गाढ़े दूध में पकाया जाता है तो इसका स्वाद काफी क्रीमी और रिच हो जाता है. ऊपर से बादाम, काजू और पिस्ता डालने पर यह किसी शाही मिठाई से कम नहीं लगती.
अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए आपको पनीर या छेना तैयार करने की भी जरूरत नहीं पड़ती. घर में मौजूद साबूदाना, दूध, चीनी और थोड़े से मेवों की मदद से इसे आसानी से बनाया जा सकता है. अगर इस सावन सोमवार आप साबूदाने से खीर बनाने के बजाय कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो यह साबूदाना रसमलाई घरवालों के लिए भी सरप्राइज हो सकती है.
क्या है साबूदाना रसमलाई की खासियत?
आमतौर पर रसमलाई छेना या पनीर से तैयार की जाती है, लेकिन इस रेसिपी में उसका फलाहारी ट्विस्ट देखने को मिलता है. इसमें साबूदाने को भिगोकर पीसा जाता है और उससे छोटी-छोटी बॉल्स बनाई जाती हैं. इन्हीं बॉल्स को मीठे और गाढ़े दूध में पकाया जाता है. इसका स्वाद बढ़ाने के लिए दूध में इलायची और केसर मिलाया जाता है. आखिर में मेवे डालने से मिठाई को हल्का क्रंच और रिच स्वाद मिलता है. खास बात यह है कि इसे पहले से बनाकर फ्रिज में ठंडा भी किया जा सकता है.
साबूदाना रसमलाई बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?
इस रेसिपी के लिए करीब 1 कप साबूदाना, आधा लीटर फुल क्रीम दूध, लगभग एक चौथाई कप चीनी, 1 चम्मच मिल्क पाउडर, 2 से 3 इलायची और थोड़े से केसर की जरूरत होगी. इसके अलावा स्वाद और सजावट के लिए बादाम, पिस्ता और काजू रख सकते हैं. व्रत के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री को लेकर हर घर के नियम अलग हो सकते हैं. इसलिए मिल्क पाउडर या किसी दूसरी पैक्ड सामग्री का इस्तेमाल करने से पहले उसके लेबल और अपने व्रत के नियमों का ध्यान जरूर रखें.
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सबसे पहले सही तरीके से भिगोएं साबूदाना
साबूदाना रसमलाई की बॉल्स अच्छी बनाने के लिए साबूदाने का सही तरीके से भीगना जरूरी है. सबसे पहले 1 कप साबूदाना साफ पानी से धो लें. इसके बाद इसे लगभग 2 से 3 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें. जब साबूदाना अच्छी तरह नरम हो जाए तो अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकाल दें. अब इसे मिक्सर जार में डालकर इसमें करीब 1 चम्मच चीनी और 1 चम्मच मिल्क पाउडर मिलाएं. इसे पीसकर ऐसा मिश्रण तैयार करें जिससे आसानी से बॉल्स बनाई जा सकें.
साबूदाने की छोटी-छोटी बॉल्स ऐसे बनाएं
पिसे हुए साबूदाने के मिश्रण को एक साफ बर्तन में निकालें और हाथों से अच्छी तरह मिला लें. अगर मिश्रण हाथों में चिपक रहा है तो हथेलियों पर बहुत थोड़ा पानी या घी लगा सकते हैं. अब इससे छोटी-छोटी चिकनी बॉल्स तैयार करें. इनका आकार बहुत बड़ा न रखें क्योंकि दूध में पकने के दौरान इनमें थोड़ा बदलाव आ सकता है. कोशिश करें कि सभी बॉल्स लगभग एक समान आकार की हों, ताकि वे एक साथ और बराबर पक सकें.
रसमलाई के लिए दूध को ऐसे करें तैयार
अब एक भारी तले वाली कड़ाही या गहरे बर्तन में आधा लीटर दूध डालें और मीडियम आंच पर गर्म करें. दूध में उबाल आने के बाद आंच को थोड़ा कम कर दें और बीच-बीच में चलाते रहें. इसमें लगभग एक चौथाई कप चीनी और 2 से 3 कुटी हुई इलायची डालें. दूध को कुछ देर तक पकाएं ताकि वह थोड़ा गाढ़ा होने लगे. इस दौरान दूध को तले में चिपकने से बचाने के लिए लगातार अंतराल पर चलाना जरूरी है.
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अब दूध में पकाएं साबूदाना बॉल्स
जब दूध हल्का गाढ़ा हो जाए तो तैयार साबूदाना बॉल्स को एक-एक करके सावधानी से इसमें डालें. सभी बॉल्स एक साथ तेजी से डालने के बजाय धीरे-धीरे डालना बेहतर रहेगा, ताकि वे आपस में चिपकें नहीं. इन्हें मीडियम से धीमी आंच पर लगभग 8 से 10 मिनट तक पकने दें. बीच में बहुत तेज चलाने से बचें क्योंकि बॉल्स टूट सकती हैं. पकने के दौरान साबूदाना हल्का ट्रांसलूसेंट दिखाई देने लगेगा. बॉल्स के अच्छी तरह पकने के बाद दूध और साबूदाने का टेक्सचर क्रीमी नजर आने लगेगा.
केसर और मेवों से दें शाही स्वाद
अब थोड़े से गुनगुने दूध में केसर के कुछ धागे भिगोकर रखें. जब साबूदाना बॉल्स पक जाएं तो केसर वाला दूध इसमें डाल दें. इससे मिठाई में हल्का सुनहरा रंग और अच्छी खुशबू आएगी. इसके बाद बारीक कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता डालें. आप चाहें तो कुछ मेवे सर्व करते समय ऊपर से डालने के लिए बचाकर रख सकते हैं. मेवे साबूदाने और क्रीमी दूध के साथ अच्छा टेक्सचर देते हैं.
ठंडी साबूदाना रसमलाई का स्वाद लगेगा और भी अच्छा
रसमलाई तैयार होने के बाद गैस बंद कर दें और इसे सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें. पूरी तरह ठंडी होने के बाद इसे लगभग 1 से 2 घंटे के लिए फ्रिज में रख सकते हैं. सर्व करते समय कटोरी में पहले साबूदाना बॉल्स निकालें और ऊपर से गाढ़ा केसर वाला दूध डालें. आखिर में बारीक कटे पिस्ता और बादाम से सजाकर परोसें. गर्म मौसम या सावन की उमस में ठंडी साबूदाना रसमलाई काफी स्वादिष्ट लग सकती है.
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