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Lesua Sabzi Recipe: लेसूड़ा यानी लसोड़ा का नाम आते ही लोगों के मन में सबसे पहले इसके स्वादिष्ट अचार की याद आती है, लेकिन क्या आपने कभी इसकी मसालेदार सब्जी का स्वाद चखा है? राजस्थान और ग्रामीण इलाकों में लेसूड़ा की सब्जी बेहद पसंद की जाती है. यह सब्जी स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. इसे बनाने के लिए उबले हुए लेसूड़े को प्याज, टमाटर और पारंपरिक मसालों के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है. कई जगहों पर इसमें दही या बेसन का भी उपयोग किया जाता है. गर्मागर्म बाजरे या गेहूं की रोटी के साथ इसका स्वाद दोगुना हो जाता है.
भीलवाड़ा: गर्मी के मौसम में बाजारों में दिखाई देने वाला लेसूड़ा सिर्फ अचार बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि स्वादिष्ट और पौष्टिक सब्जी के रूप में भी काफी पसंद किया जाता है. भीलवाड़ा सहित मेवाड़ क्षेत्र के कई घरों में लेसूड़ा की सब्जी पारंपरिक तरीके से बनाई जाती है. इसका अनोखा स्वाद लोगों को खूब भाता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी महिलाएं गर्मी के दिनों में ताजा लेसूड़ा लाकर इसकी सब्जी तैयार करती हैं. लेसूड़ा को आयुर्वेद में भी लाभकारी माना गया है. इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाने में मदद करते हैं. लेसूड़ा में फाइबर, कैल्शियम, आयरन और कई आवश्यक खनिज तत्व मौजूद होते हैं. यही कारण है कि गर्मी के मौसम में इसे खाने की सलाह भी दी जाती है. लेसूड़ा की सब्जी बनाने वाले वंदना राठौड़ ने बताया कि गर्मी के मौसम में मिलने वाला लेसूड़ा स्वाद और सेहत दोनों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है.
भीलवाड़ा सहित मेवाड़ के कई क्षेत्रों में लोग इसकी सब्जी भी बड़े चाव से खाते हैं. खास बात यह है कि लेसूड़ा की सब्जी घर पर बहुत आसान तरीके से तैयार की जा सकती है. लेसूड़ा की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले ताजे और मुलायम लेसूड़े चुन लिए जाते हैं. इन्हें अच्छी तरह धोकर हल्का उबाल लिया जाता है ताकि इनमें मौजूद चिपचिपापन कम हो जाए. इसके बाद इन्हें बीच से काटकर बीज निकाल लिए जाते हैं. कई लोग बीज सहित भी इसकी सब्जी बनाते हैं, लेकिन अधिकतर घरों में बीज निकालकर सब्जी तैयार की जाती है.
15 से 20 मिनट पकाने के बाद सब्जी तैयार
इसके बाद कढ़ाई में तेल गर्म कर जीरा, राई और हींग का तड़का लगाया जाता है. तड़का तैयार होने के बाद इसमें बारीक कटा प्याज और लहसुन डालकर सुनहरा होने तक भुना जाता है. फिर हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है. मसाले अच्छी तरह भुन जाने पर उबले हुए लेसूड़े डालकर धीमी आंच पर पकाया जाता है. कुछ लोग इसमें अमचूर या दही भी मिलाते हैं, जिससे इसका स्वाद और अधिक बढ़ जाता है। करीब 15 से 20 मिनट पकाने के बाद सब्जी तैयार हो जाती है.
सब्जी पौष्टिकता और स्वाद का शानदार मेल
वंदना राठौड़ ने बताया कि लेसूड़ा की यह सब्जी बाजरे की रोटी, गेहूं की रोटी या पराठे के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है. कई परिवारों में इसे विशेष रूप से गर्मी के दिनों में बनाया जाता है. इसकी खास बात यह है कि इसमें मसालों का स्वाद और लेसूड़े की प्राकृतिक खुशबू मिलकर एक अलग ही स्वाद पैदा करती है. जो लोग केवल लेसूड़ा का अचार खाते हैं, उन्हें एक बार इसकी सब्जी भी जरूर चखनी चाहिए. पारंपरिक व्यंजन केवल स्वाद ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य का भी खजाना होते हैं. लेसूड़ा की सब्जी इसका एक बेहतरीन उदाहरण है. कम खर्च में तैयार होने वाली यह सब्जी पौष्टिकता और स्वाद का शानदार मेल है.
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